यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बसपा तय करेगी केंद्र की सरकार
बसपा सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यकों पर पूरा भरोसा है। उनके बल पर बसपा नई ताकत के रूप ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। बसपा सुप्रीमो मायावती को उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यकों पर पूरा भरोसा है। उनके बल पर बसपा नई ताकत के रूप में उभरेगी, जो केंद्र की सत्ता में शक्ति संतुलन बनाएगी। तीसरा मोर्चा को पहले ही खारिज कर चुकीं मायावती का दावा है कि उनके बगैर केंद्र की सरकार नहीं बनेगी। मंगलवार को वे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ सपा प्रमुख मुलायम सिंह पर जमकर बरसीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की भी मांग की।
बसपा सुप्रीमो मायावती का मानना है कि उत्तर प्रदेश का अल्पसंख्यक सपा के बहकावे में नहीं आने वाला है। मुजफ्फरनगर और शामली के दंगों का जो मंजर था, ऐसे में वे भला अपनी तबाही को कैसे भुला सकते हैं? लोग अभी इससे उबर नहीं पाए हैं। सपा को इसका खामियाजा तो उठाना ही पड़ेगा। मुस्लिमों का झुकाव बहुजन समाज पार्टी की ओर है।
मोदी व मुलायम की लगातार कई रैलियों पर भड़कते हुए मायावती ने कहा कि प्रदेश को दंगे से तबाह करने वाले मुलायम और गुजरात में कत्लेआम कराने वाले मोदी एक ही थाली के चंट्टे-बट्टे हैं। दोनों पार्टियों की ज्यादातर रैलियां एक ही दिन साजिश के तहत हो रही हैं। भाजपा व बसपा के मिलकर सरकार बनाने को अफवाह बताते हुए उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। बसपा ने जब भी भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई तो अपनी विचारधारा को कायम रखने का पूरा ध्यान रखा। मायावती ने कहा कि मोदी को रोकने के लिए उनकी पार्टी पूरी ताकत झोंक देगी। जो आदमी अपनी जिंदगी नहीं संभाल सकता वह देश क्या संभालेगा। मोदी को पिछड़ी जाति का बताने पर कहा कि वह आखिर ओबीसी में किस जाति से ताल्लुक रखते हैं। उनके कहने में झूठ ज्यादा होता है। बसपा प्रमुख ने नरेंद्र मोदी, सपा और कांग्रेस को भ्रष्टाचार में डूबा करार देते हुए कहा कि चुनाव में जनता इन्हें नकार देगी।
