यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
किशोरी को अगवा कर बीस हजार रुपये में बेचा
लखनऊ। गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के एक गांव से चौदह वर्षीय किशोरी को अगवा कर 20 हजार रुपये में होमगार्ड ...और पढ़ें

लखनऊ। गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के एक गांव से चौदह वर्षीय किशोरी को अगवा कर 20 हजार रुपये में होमगार्ड जवान के हाथ बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। उसे अगवा करने वाली महिला व टैंपो चालक की गुरुवार को गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने गगहा थाने पर तैनात होमगार्ड जवान के घर से किशोरी को मुक्त कराया। होमगार्ड जवान, उसकी पत्नी व बेटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
किशोरी को 16 जुलाई को अगवा किया गया था। उसके मां-बाप खेत में धान की रोपाई करने गए थे। शाम को वापस लौटे तो बेटी घर से गायब थी। उनकी तहरीर पर पुलिस ने उनके ही गांव के हीरालाल की पत्नी लालदेई और सलेमपुर, देवरिया निवासी टैंपो चालक शहंशाह के खिलाफ दूसरे दिन अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस ने लालदेई के घर से उसे तथा टैंपो चालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि किशोरी को अगवा करने के बाद उसी दिन गगहा गांव के हटवा टोला निवासी होमगार्ड जवान के हाथ बीस हजार रुपये में बेच दिया था। होमगार्ड जवान ने दूसरे ही दिन मझगावां के करवल माता मंदिर में अपने छोटे बेटे से किशोरी की शादी करा दी। पूछताछ के दौरान मिली सूचना के आधार पर गगहा पुलिस ने होमगार्ड जवान के घर छापा मारकर किशोरी को सकुशल मुक्त कराया। उसे खरीदने और नाबालिग होने के बावजूद बेटे से शादी कराने के आरोप में होमगार्ड जवान, उसकी पत्नी और बेटी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में लालदेई और टैंपो चालक को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उन्होंने किशोरी को बेचने की बात कही है।
सब्जबाग दिखा किया था अगवा
गगहा क्षेत्र से किशोरी को अगवा कर बेचने की आरोपी महिला संदिग्ध गतिविधियों की वजह से गांव में पहले से ही बदनाम है। लोग उससे दूरी बनाकर रहते हैं। बताते हैं कि किशोरी को अगवा कर बेचने की योजना के तहत वह काफी दिनों से उसे अपनी बातों से बहलाने-फुसलाने की कोशिश में जुटी थी। आखिरकार उसे बेहतर भविष्य का सब्जबाग दिखाने के बाद वह अपनी योजना में कामयाब भी हो गई। किशोरी को उसके ही गांव की लालदेई नाम की महिला ने 16 जुलाई को बहला-फुसला कर भगा ले जाने के बाद हटवा, गगहा निवसी होमगार्ड जवान के हाथ बेच दिया था। किशोरी को 20 हजार में खरीदने वाले होमगार्ड जवान का लालदेई के घर अक्सर आना-जाना था। कुछ दिन पहले ही उसने छोटे बेटे की शादी के लिए लड़की की व्यवस्था करने का बीस हजार रुपये में सौदा किया था। इसके बाद से ही लालदेई, पड़ोसी की बेटी को अपने जाल में फंसाने की साजिश में जुट गई। अच्छे घर में ब्याह कराने और बड़े शहर में घर दिलाने का ख्वाब दिखाकर वह कक्षा पांच में पढ़ने वाली उस मासूम को फांसने में कामयाब हो गई।
ग्रामीणों ने खोला था अपहरण का राज
जिस दिन किशोरी को अगवा किया गया था उस दिन उसके माता-पिता सुबह से ही खेत में काम कर रहे थे। वापस लौटकर उन्होंने उसे खोजना शुरू किया तो गांव के ही कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि उनकी बेटी को उन्होंने लालदेई और टैंपो चालक शहंशाह के साथ दोपहर में जाते हुए देखा है। बेटी को पूछते हुए वे लोग उसके घर पहुंचे तो वह उनसे विवाद करने पर आमादा हो गई। इसके बाद उन्होंने थाने जाकर उसके और टैंपो चालक के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी।
बड़े बेटे की चार शादी करा चुका है होमगार्ड जवान
अपनी कारस्तानियों की वजह से होमगार्ड जवान क्षेत्र में पहले से बदनाम है। किशोरी को खरीदने के बाद चर्चा में आया यह जवान बड़े बेटे की अभी तक चार शादी करा चुका है। हर बार घर में आई बहू कुछ दिन बाद मायके लिए निकली तो फिर वापस नहीं लौटी। इसको लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चा है।
