यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग के अधिकारों को दी सीधी चुनौती
दिल्ली पुलिस पर नियंत्रण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के टकराव के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस पर नियंत्रण को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के टकराव के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग के अधिकारों को सीधी चुनौती दे दी है। उन्होंने बुधवार को जंग को पत्र लिखकर सीधे कह दिया है कि पुलिस, भूमि और कानून-व्यवस्था के मसलों पर उनका नहीं बल्कि दिल्ली सरकार का ही अधिकार है।
अपने दावे के पक्ष में उन्होंने कहा कि संविधान, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार (जीएनसीटी) कानून और दिल्ली सरकार के कार्य संपादन नियम (टीबीआर) में कहीं भी उपराज्यपाल को इन विषयों के अधिकार नहीं दिए गए हैं।
केजरीवाल ने जंग की ओर से लिखी गई चिट्ठी के जवाब में उन्हें भेजे पत्र में कहा कि दिल्ली सरकार को केंद्र कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वे सिर्फ संविधान के अनुसार काम करेंगे। जंग ने अपने पत्र में कहा था कि केजरीवाल को राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (गृह) को कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करनी चाहिए थी। क्योंकि वे न तो उनकी नियुक्ति करने वाले अधिकारी हैं और ना ही उनके पास उनके कैडर नियंत्रण का अधिकार है।
इसके जवाब में केजरीवाल ने कहा है कि भारतीय प्रशासनिक अधिकारियों (आइएएस) की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और उनके कैडर का नियंत्रण केंद्र सरकार के कार्मिक (डीओपीटी) मंत्रालय के तहत होता है। ऐसे में अगर राज्यों में काम करने वाले आइएएस अधिकारियों का सारा संचालन केंद्र पर छोड़ दिया जाए तब तो संघीय ढांचा ही चरमरा जाएगा।
केजरीवाल ने जंग को याद दिलाया है कि नियुक्ति और कैडर नियंत्रण अधिकार नहीं होने के बावजूद खुद उपराज्यपाल ने भी दिल्ली सरकार के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि जहां जरूरत होगी वे भविष्य में भी उनसे संपर्क करते रहेंगे, लेकिन पुलिस, भूमि और कानून-व्यवस्था के मामलों पर सिर्फ संविधान का ही पालन करेंगे।
केजरीवाल ने कहा है कि संविधान, विभिन्न नियम और कानूनों में कहीं भी इन विषयों पर उपराज्यपाल को अधिकार नहीं दिया गया है। एक भी धारा बता दीजिए, जिसका पालन करते हुए संबंधित फाइलें उन तक भेजी जाएं।
