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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पीयूष को दुलारने पर हटाए गए सीओ

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Published: Fri, 01 Aug 2014 10:05 PM (IST)Updated: Sat, 02 Aug 2014 07:50 AM (IST)

ज्योति की हत्या में आरोपी उसके पति पीयूष को जब शुक्रवार को रिमांड के दौरान स्वरूपनगर थाना लाया गया तो ...और पढ़ें

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कानपुर, जागरण संवाददाता। ज्योति की हत्या में आरोपी उसके पति पीयूष को जब शुक्रवार को रिमांड के दौरान स्वरूपनगर थाना लाया गया तो वहां सीओ राकेश नायक का न केवल उस पर दुलार बरसा बल्कि छोटा भाई बताते हुए उसका माथा भी चूमा। यही नहीं, पीयूष को बेकसूर बता दिया। सीओ की हरकत की सूचना आम होने के बाद एसएसपी केएस इमैनुएल ने नायक को स्वरूप नगर सर्किल से हटाकर एसएसपी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। वहीं सीओ कर्नलगंज को स्वरूप नगर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

दस घंटे की रिमांड पर लिये गए पीयूष को अपराह्न साढ़े तीन बजे एसपी क्राइम एमपी वर्मा ने पुलिस लाइन बुलवाया। स्वरूप नगर थाने की पुलिस उसको ले जाने की तैयारी में थी। उसी समय सीओ सीओ राकेश नायक ने पीयूष को एसओ के कमरे में बुलवा लिया। उन्होंने मीडिया के सामने ही पीयूष को प्यार से अपने पास बुलवाया। उससे कुछ देर तक बात करते रहे और माथा चूम लिया। सीओ नायक ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पीयूष ने पत्नी की हत्या नहीं की है। वह तो बड़ा सीधा है, यह मेरे छोटे भाई जैसा है। उसे मेरा आशीर्वाद है और हमेशा रहेगा।

ज्योति से प्यार करता था, नहीं ली जान : पीयूष

प्रेमिका के लिए पत्नी ज्योति की हत्या कराने के आरोपी पीयूष श्यामदसानी ने शुक्रवार को मीडिया के सामने एक नई कहानी गढ़ी। बयान बदलते हुए पीयूष ने कहा कि वह ज्योति को बहुत प्यार करता था। उसने पत्नी की जान नहीं ली। रिमांड पर पूछताछ के लिए पुलिस लाइन लाए जाने के दौरान मीडिया से सामने होने पर पीयूष ने हत्या में अपनी भूमिका से पलटते हुए कहा कि ड्राइवर अवधेश खुन्नस रखता था और उसी ने ज्योति की हत्या की है। हालांकि पीयूष इन सवालों का जवाब नहीं दे सका कि अवधेश उससे खुन्नस क्यों रखता था और पत्‍‌नी को अवधेश व उसके दोस्तों के हवाले क्यों छोड़ आया। इन सवालों पर जवाब न देते हुए उसने सिर झुका लिया।

इससे पहले पुलिस ने दस घंटे के रिमांड के दौरान कई चरणों में पीयूष से पूछताछ की। स्वरूप नगर थाने से उसको पुलिस लाइन में एसएसपी के सामने पेश किया गया। जहां एसएसपी केएस इमैनुएल और एसपी क्राइम एमपी वर्मा ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। मेडिकल कराने के बाद उसे शाम छह बजे उसे दोबारा जेल भेज दिया गया। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि पीयूष से कई अहम जानकारियां मिली हैं जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि ज्योति की हत्या में शामिल दूसरे पांच आरोपियों का रिमांड के लिए अर्जी कोर्ट में दी गयी है। शनिवार को रिमांड मिलने की उम्मीद है। इसके बाद पुलिस हत्या में प्रयुक्त चाकू की खोज करेगी।

तुम जेल में भी रहने लायक नहीं

जेल में पीयूष की प्रेमिका मनीषा मखीजा को महिला बंदियों का गुस्सा झेलना पड़ा। बंदियों ने उसको जमकर धिक्कारा। यह कहकर, 'मनीषा तुमने यह क्या कर डाला। पीयूष से प्रेम करती थीं तो साथ भाग जातीं। ज्योति से तलाक करवाकर उससे शादी कर लेतीं लेकिन तुमने तो हद ही कर दी। अपने स्वार्थ के लिए ज्योति को उसके पति के हाथों ही मरवा दिया। ईश्वर तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा..तुम जेल में भी रहने लायक नहीं हो।'

शुक्रवार को मनीषा से जेल में मिलने के लिए उसकी मां और पिता पहुंचे। दोनों से लिपटकर मनीषा खूब रोई। इस बीच पिता ने उसे आश्वासन दिया कि जल्द ही घर ले चलेंगे। वहीं गुरुवार को जब पीयूष जेल में था तो उसके यहां से भी कोई नहीं आया।

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