विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अलगाववादियों के मार्च को लेकर त्राल किले में तब्दील

By Sudhir JhaEdited By:
Published: Fri, 17 Apr 2015 08:11 AM (IST)Updated: Fri, 17 Apr 2015 09:15 AM (IST)

जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों के आह्वान पर आज के त्राल मार्च को देखते हुए वहां सुरक्षा काफी कड़ी कर दी ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में अलगाववादियों के आह्वान पर आज के त्राल मार्च को देखते हुए वहां सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने वहां जाने वालों के लिए कई तरह की पाबंदिया लगाई है। किसी बाहरी व्यक्ति को वहां जाने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा बल इस बात की भरसक कोशिश कर रहे हैं कि अलगाववादियों के मार्च को न होने दिया जाए। उधर अलगाववादी और उनके समर्थक पाक के इशारे पर मार्च करने पर अड़े हैं। इससे पहले चौतरफा दबाव के बाद आतंकी मसर्रत आलम को आज गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने बताया है कि गिलानी और मीर वायज उमर फारूक के घरों के बाहर अलर्ट के साथ साथ सुरक्षा का भारी बंदोबस्त है। गौरतलब है कि श्रीनगर की रैली के बाद गिलानी ने आज 'त्राल मार्च' का आह्वान किया है। इस रैली में मसरत आलम को भी शामिल होना था। मामले में बढ़ते विवाद को देखते हुए प्रदेश की पुलिस ने एहतियातन सैयद अली शाह गिलानी, मसरत आलम, मीरवाइज और शब्बीर शाह समेत छह अलगावादी नेताओं को नजरबंद कर दिया है। गिलानी और मसरत के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल को भी तैनात कर दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर खासकर श्रीनगर में अलगाववादियों को लेकर चेतावनी जारी की है। एजेंसी का कहना है कि अलगाववादी 2010 की तरह ही एक बार फिर पत्थरबाजी का प्लान बना सकते हैं। इसके साथ ही घाटी में भड़काऊ भाषणों का भी आयोजन किया जा सकता है। अलगावादियों को सीमा पार से निर्देश मिल रहे हैं।

पढ़ेंः केंद्र की घुड़की के बाद नजरबंद किए गए गिलानी और मसर्रत

पढ़ेंः मसर्रत को पाकिस्तान और हाफिज सईद का समर्थन