यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
BSF परीक्षा में टॉप कर कश्मीर का नबील वानी बना मिसाल
जम्मू कश्मीर के नबील अहमद वानी ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) की असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा में पूरे देश में अव्वल स्थान हासिल कर इतिहास रच डाला है।

नई दिल्ली (जेएनएन)। कश्मीर में जहां एक तरफ युवा सुरक्षा बलों पर पत्थर बरसा रहे हैं, वहीं उधमपुर का रहने वाले युवा नबील ने यूपीएसई द्वारा आयोजित बीएसएफ की असिस्टेंट कमांडेंट (वर्क्स) में टॉप कर राज्य का नाम रोशन किया है।
यह खबर ऐसे समय सामने आई है जब 8 जुलाई को कश्मीर में हिजबुल के आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से हिंसा भड़की हुई जिसमें 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से अधिकतर नौजवान हैं। उधमपुर स्थित आदर्श कालोनी के रहने वाले नबील अहमद वानीन का कहना है कि हाथों में पत्थर लेने से युवाओं का भविष्य नहीं बदल सकता। इसके लिए कश्मीर के युवाओं को हाथों में कलम थामनी होगी।
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नबील के पिता पेशे से शिक्षक थे। नबील ने बचपन से बीएसएफ में जाने का सपना देखा था। नबील मौजूदा समय में राज्य सरकार के वाटर शेड कार्यालय में बतौर सिविल इंजीनियर काम कर रहे हैं। वर्ष 2013 में भी उन्होंने परीक्षा दी थी, लेकिन 8 अंक कम होने की वजह से मेरिट हासिल नहीं कर पाए।
नबील की यह कामयाबी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि जब जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने वाले युवा अपना चेहरा तक नहीं दिखा सकते उसी जम्मू कश्मीर का एक लड़का देश के सामने गर्व से सिर उठाकर खड़ा हुआ है।
