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    दंगा आरोपियों को ही बचा रही है एसआइटी: जकिया

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    Updated: Thu, 27 Jun 2013 08:00 PM (IST)

    अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। गुजरात दंगे में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने दंगा मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल ...और पढ़ें

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    अहमदाबाद, शत्रुघ्न शर्मा। गुजरात दंगे में मारे गए कांग्रेस के पूर्व सांसद अहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने दंगा मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल को ही कठघरे में खड़ा करते हुए अदालत से कहा है कि एसआइटी जानबूझकर उन लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है जो दंगों में शामिल थे।

    एसआइटी ने भले दंगा मामलों में मुख्यमंत्री मोदी व अन्य 62 लोगों को क्लीनचिट दी हो लेकिन फैसला अदालत को करना है कि वह इसकी रिपोर्ट को मान्यता दे या फिर से इन मामलों की जांच कराए।

    जकिया जाफरी की ओर से गुरुवार को वरिष्ठ अधिवक्ता संजय परीख व मिहिर देसाई ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बीजे गणात्रा की अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगे के सच को समाज के सामने लाने के लिए विशेष जांच दल एसआइटी का गठन किया था। एसआइटी को एक बड़ी अहम जिम्मेदारी सौंपी गई लेकिन उसकी जांच व जकिया की याचिका पर उनके विरोध को देखते हुए लगता है कि वह पूर्वाग्रह से ग्रस्त है। ऐसा लगता है कि जांच दल अपनी जवाबदेही को छोड़कर दंगों के आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि एसआइटी ने अपनी रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष निकाला है अदालत को इससे कोई लेना देना नहीं है, जांच दल को जो तथ्य, सबूत व गवाह दिए गए हैं उनके आधार पर खुद अदालत को यह तय करना है कि वह इस रिपोर्ट को मान्यता दे या ठुकरा दे। अदालत चाहे तो दंगा मामलों में फिर से जांच का भी आदेश कर सकती है। दोनों अधिवक्ताओं ने एसआइटी पर गैरपेशेवर होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पीड़िता की याचिका का ही विरोध कर रही है जबकि उसे सुप्रीम कोर्ट ने सच को सामने लाने की जवाबदेही सौंपी है। उन्होंने एसआइटी की उन दलीलों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि जकिया अपनी याचिका में दंगा मामलों की सुनवाई कर रहे नानावटी आयोग के समक्ष पेश तथ्यों, सबूत व शपथ पत्रों का उपयोग कर रही है।

    गौरतलब है कि गोधरा कांड के बाद भड़के दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में अहसान जाफरी समेत 69 लोग मारे गए थे, जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, मंत्रिमंडल के उनके साथी व सरकार व पुलिस विभाग के अधिकारियों समेत 62 लोगों को आरोपी बनाने के लिए याचिका दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष दंगा मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था जिसने अपनी रिपोर्ट में मोदी समेत 62 लोगों को क्लीनचिट दे दी है। इसके खिलाफ जकिया ने विरोध याचिका दाखिल की थी जिस पर स्थानीय अदालत में नियमित बहस चल रही है।

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