यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IT कंपनियां कर्मचारियों के इमीग्रेशन एजेंट के रूप में काम कर रही है: मूर्ति
नारायण मूर्ति ने कहा कि उनका मानना है कि वैश्विक स्तर पर काम करने वाली कंपनियों को अपने सभी कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए।

हैदराबाद। भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने मंगलवार को कहा कि ऐसा लगता है कि भारतीय आईटी कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए इमिग्रेशन एजेंट के तौर पर काम कर रही हैं।
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में छात्रों को संबोधित करते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि उनका मानना है कि वैश्विक स्तर पर काम करने वाली कंपनियों को अपने सभी कर्मचारियों के साथ एक जैसा व्यवहार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सभी भारतीय कंपनियां वीजा और ग्रीन कार्ड की गारेंटी देती है और ये सब देखकर लगता है कि ये कंपनियां अपने कर्मचारियों के इमीग्रेशन एजेंट के तौर पर काम कर रही है। मूर्ति ने कहा कि आईटी कंपनियों की ये जिम्मेदारी है कि वो अपने आसपास के लोगों में से ही लोगों को नौकरियां प्रदान करें।
दरअसल पिछले दिनों अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन में आउटसोर्सिंग को लेकर चिंता जाहिर की थी।
