विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में बनेगी तंबाकू महामारी से निपटने की रणनीति

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Sun, 06 Nov 2016 09:33 PM (IST)Updated: Sun, 06 Nov 2016 10:01 PM (IST)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरीसेन उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता होंगे।

News Article Hero Image

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । हर साल दुनिया में 60 लाख मौत का कारण बनने वाली तंबाकू की महामारी से निपटने की रणनीति बनाने के लिए दुनिया भर के 179 देश सोमवार से ग्रेटर नोएडा में जुटेंगे। छह दिन तक चलने वाले इस सम्मेलन के दौरान तंबाकू नियंत्रण पर डब्ल्यूएचओ संधि 'एफसीटीसी' (फ्रेमवर्क कन्वेंशन ऑन टोबैको कंट्रोल) के तहत किए गए विभिन्न प्रावधानों पर दुनिया भर में हुई प्रगति के साथ ही नए उपायों पर भी चर्चा होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाल सिरीसेन उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता होंगे। इस सम्मेलन में पाकिस्तान को छोड़ कर एफसीटीसी संधि में शामिल लगभग सभी सदस्य देश हिस्सा ले रहे हैं। सिर्फ 15 देश विभिन्न वजहों से अब तक इस संधि में शामिल नहीं हुए हैं।

यह पहला मौका है जब यह सम्मेलन भारत में हो रहा है। इस दौरान भारत को तंबाकू उत्पादों के खिलाफ हाल के वर्षो में उठाए अपने सख्त कदमों को गिनाने का मौका भी मिलेगा। सम्मेलन में भाग ले रहे सभी देशों को संधि के विभिन्न प्रावधानों को लेकर अपने यहां हुई प्रगति पर रिपोर्ट देनी होगी। इस संधि में अब तक ज्यादा जोर सिगरेट के खतरे को ले कर रहा है। इसलिए भारत की कोशिश है कि अब इसमें चबाने वाले तंबाकू उत्पादों को भी प्रमुखता से शामिल करवाया जाए। भारत सहित विभिन्न दक्षिण एशियाई देशों में चबाने वाले तंबाकू उत्पादों का चलन धूमपान के उत्पादों से ज्यादा है।

तंबाकू उद्योग भी मैदान में

सम्मेलन ने तंबाकू उद्योग के लोगों को भी सक्रिय कर दिया है। ग्रेटर नोएडा में हो रहे 'कॉप-7' सम्मेलन के आस-पास ही नहीं पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में तंबाकू किसानों के नाम पर बड़ी संख्या में प्रचार सामग्री लगाई गई है। अंग्रेजी में लगे होर्डिग में कहा गया है कि गरीब तंबाकू किसानों के खिलाफ साजिश हो रही है। इसमें सरकार से अपील भी की गई है कि वह तंबाकू विरोधी मुहिम की जांच करे।

गैर सरकारी संगठन 'वॉलेंट्री हेल्थ एसोसिएशन ऑफ इंडिया' (वीएचएआइ) की निदेशक सीमा गुप्ता ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर इनके खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि सिगरेट और अन्य तंबाकू कानून (कॉटपा) के मुताबिक तंबाकू कारोबार का किसी भी रूप में प्रचार प्रतिबंधित है।

पढ़ेंः प्रदूषण के खिलाफ एकजुट हुए लोग, मास्क पहनकर पहुंचे जंतर-मंतर