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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में आई सरकार

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Published: Tue, 15 Jul 2014 02:16 PM (IST)Updated: Tue, 15 Jul 2014 02:57 PM (IST)

संघ लोक सेवा आयोग के हिंदी अभ्यर्थियों की मांग के समर्थन में अब प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री भी आ गए ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग के हिंदी अभ्यर्थियों की मांग के समर्थन में अब प्रधानमंत्री कार्यालय के मंत्री भी आ गए हैं। पीएमओ में राज्यमंत्री का दर्जा पाए जीतेंद्र सिंह ने कहा कि वे बच्चों की मांग पर सरकार की ओर से यूपीएससी को चिट्ठी लिखेंगे। इतना ही राज्यमंत्री ने ये भी कहा कि जब तक ये मसला सुलझ नहीं जाता जाता तब तक आयोग प्री परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाए।

दरअसल संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा में अंग्रेजी को तरजीह देने से हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के परीक्षार्थी नाराज हो गए थे। आयोग के इस फैसले के विरोध में विद्यार्थियों ने सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा में सी-सैट प्रणाली को खत्म करने की मांग की है। सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने दिल्ली और पंजाब विश्वविद्यालय स्थित डिपार्टमेंट आफ गांधीयन स्टडीज के सामने एकत्र होकर प्रदर्शन किया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों का कहना है कि सी-सैट प्रणाली के कारण हिंदी के साथ-साथ, गुजराती, कन्नड़, तमिल, तेलगू, मराठी, बांग्ला आदि माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र बुरी तरह पिछड़ रहे हैं। उनके मुताबिक अंग्रेजी परस्त संघ लोक सेवा आयोग भारतीय भाषाओं के छात्रों को जानबूझकर नीचा दिखा रहा है। ये छात्र सी-सैट को तत्काल प्रभाव से खत्म करने, मुख्य परीक्षा में अंग्रेजी भाषा के अनिवार्य प्रश्न पत्र का स्तर अन्य भारतीय भाषाओं के स्तर एक किया जाए।

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