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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मातृभाषा में हो हाईस्कूल तक पढ़ाई: वेंकैया नायडू

By Kamal VermaEdited By:
Published: Thu, 21 Apr 2016 06:39 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 21 Apr 2016 07:24 PM (GMT+05:30)

वेंकैया नायडू ने कहा कि एक कक्षा विशेष तक पढ़ाने का माध्यम मातृभाषा ही होनी चाहिए। सरकार ने हाईस्कूल तक पढ़ने-पढ़ाने की भाषा मातृभाषा ही रखने का समर्थन किया है।

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हैदराबाद (प्रेट्र)। केंद्र सरकार ने हाईस्कूल तक पढ़ने-पढ़ाने की भाषा मातृभाषा ही रखने का समर्थन किया है। हालांकि उसने हिंदी को भी बढ़ावा देने की भरपूर प्रतिबद्धता जताई है। केंद्रीय नगरीय विकास मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने गुरुवार को कहा कि एक कक्षा विशेष तक पढ़ाने का माध्यम मातृभाषा ही होनी चाहिए। देश में इस विषय पर आम राय कायम करनी होगी। सभी राज्य सरकारों को इसी दिशा में काम करने के लिए कम से कम हाईस्कूल तक नियमानुसार मातृभाषा का इस्तेमाल करवाना होगा।

उन्होंने कहा कि स्थानीय नौकरियों को भी मातृभाषा से जोड़ना होगा। चूंकि भाषा का जुड़ाव संस्कृति से होता है। भाषा और संस्कृति की रक्षा के लिए यह जरूरी है। हालांकि उन्होंने हिंदी को भी बढ़ावा देने की जरूरत बताई क्योंकि वह हमारी राजभाषा है। राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी हमारी आधिकारिक भाषा है। इसलिए हिंदी सीखना बहुत ही जरूरी है। नगर विकास मंत्रालय के हिंदी सलाहकार समिति के कामकाज में हिंदी के इस्तेमाल में प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि आधिकारिक कामकाज में हिंदी भाषा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। हिंदी को प्रोत्साहन देना चाहिए क्योंकि वह राष्ट्रीय भाषा या राजभाषा है।

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नायडू ने कहा कि अंग्रेजी सीखते हुए लोगों की पकड़ अपनी मातृभाषा पर भी अच्छी होनी चाहिए। लेकिन मानसिकता अंग्रेजी के अधीन नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीन भाषाओं का फार्मूला है। साथ ही उनका एक भाषा को दूसरे पर थोपने का भी कोई इरादा नहीं है।

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