विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NSG में भारत को बड़ी सफलता, यूएस के बाद फ्रांस भी अाया सपोर्ट में

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Wed, 22 Jun 2016 07:34 PM (IST)Updated: Wed, 22 Jun 2016 11:09 PM (IST)

अब फ्रांस ने भी एनएसजी में भारत की सदस्यता की वकालत की है। इधर, भारत को मिल रहे चौतरफा सपोर्ट से पाकिस्तान बौखला गया है।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। सिओल में न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (एनएसजी) देशों की बैंठक से पहले भारत को एक और देश का सपोर्ट मिला है। अब फ्रांस ने भी भारत की सदस्यता की वकालत की है। इधर, भारत को मिल रहे चौतरफा सपोर्ट से पाकिस्तान बौखला गया है।

वहां के नेशनल सिक्युरिटी एडवाइजर (एनएसए) नसीर खान जंजुआ ने चेतावनी दी है कि एनएसजी को लेकर अमेरिका जितना भारत का सपोर्ट करेगा, उतनी पाकिस्तान की चीन से नजदीकी बढ़ेगी। दरअसल पाक, अमेरिका के भारत को सपोर्ट करने से तिलमिलाया हुआ है।

पढ़ेंः NSG: भारत के प्रयासों को मजबूत करने के लिए विदेश सचिव सियोल रवाना

इधर, दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में कल होने वाली परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) देशों की पूर्ण बैठक से पहले भारत के प्रयासों को मजबूत करने के लिए विदेश सचिव एस जयशंकर सियोल के लिए रवाना हो गए हैं। भारत को उम्मीद है वह चीन और कुछ अन्य देशों के विरोध के बावजूद भी वह एनएसजी की सदस्यता हासिल करने में कामयाब रहेगा।

पढ़ेंः ...तो इस वजह से है भारत की NSG में दावेदारी पर चीन को आपत्ति

सोमवार से शुरू हुई 48 देशों के समूह वाली एनएसजी समूह की बैठक पर नजदीकी नजर रखने वाले विदेश सचिव एस जयशंकर इस ग्रुप में भारत की सदस्यता के लिए प्रयासों को तेज करने हेतु आज दक्षिण कोरिया की राजधानी के लिए रवाना हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी अमनदीप सिंह गिल, जिनके पास 'निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा ' का भी प्रभार है, वो पहले से ही सियोल में हैं।

पढ़ेंः पाक का पाखंडः नार्थ कोरिया को बेच रहा परमाणु सामाग्री, भारत का कर रहा विरोध