यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेटी ने कहा, वर्ष 1984 में बेबस थे पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह
राहुल गांधी द्वारा अपने इंटरव्यू में सिख विरोधी दंगे में कुछ कांग्रेसियों की भागीदारी की आशंका जताने के बाद अब ...और पढ़ें

चंडीगढ़ [राज्य ब्यूरो]। राहुल गांधी द्वारा अपने इंटरव्यू में सिख विरोधी दंगे में कुछ कांग्रेसियों की भागीदारी की आशंका जताने के बाद अब एक और सच्चाई का खुलासा हुआ है। तत्कालीन राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की बेटी गुरदीप कौर ने जून 1984 में हुए ऑपरेशन ब्लू स्टार और उसी साल नवंबर में हुए दंगों के लिए तत्कालीन पीएमओ व कांग्रेस नेताओं पर सवालिया निशान लगाए हैं। गुरदीप कौर ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार एवं सिख विरोधी दंगों के समय ज्ञानी जैल सिंह बेबस और असहाय महसूस कर रहे थे। ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया। राष्ट्रपति होने के बावजूद वह नजअंदाज किए गए, मगर देश व सिखों के हित में उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया।
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गुरदीप कौर ने बताया कि वह ऑपरेशन के समय बेहद पीड़ा में थे। उन्होंने खुद अपनी वेदना इंदिरा गांधी को बताई, मगर कुछ असर नहीं हुआ। बकौल गुरदीप कई कांग्रेसियों ने उन्हें सफेद पगड़ी वाला अकाली बताया था। सिख विरोधी विरोधी दंगों के समय ज्ञानी जैल सिंह ने पीएम हाउस, पीएमओ और गृह मंत्रालय में कई फोन किए, मगर किसी ने भी उनके फोन का जवाब नहीं दिया। यहां तक कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने उन्हें औपचारिक सूचना तक नहीं दी, जबकि ऐसी घटना के समय प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रपति को सूचित किया जाता है।
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अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि बीबी गुरदीप कौर ने वही बात कही है जो अकाली दल कई सालों से कहता आ रहा है। अब यदि तत्कालीन राष्ट्रपति की बेटी ऐसा कहती है तो इससे इस बात को और बल मिलता है कि दंगों में कांग्रेसी शामिल थे।
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