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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पं. बंगाल: स्टिंग में कथित घूस लेते दिखे टीएमसी नेताओं की जांच करेगा चुनाव आयोग

By Atul GuptaEdited By:
Published: Tue, 15 Mar 2016 08:51 AM (IST)Updated: Tue, 15 Mar 2016 06:43 PM (IST)

टीएमसी नेताओं के खिलाफ पैसे लेते सामने आए स्टिंग ऑपरेशन और उसके बाद विपक्षी दलों की तरफ से टीएमसी के ...और पढ़ें

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कोलकाता, जागरण नेटवर्क। टीएमसी नेताओं के खिलाफ पैसे लेते सामने आए स्टिंग ऑपरेशन और उसके बाद विपक्षी दलों की तरफ से टीएमसी के उन आरोपी नेताओं पर कार्रवाई की मांग को चुनाव आयोग ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसी जैदी ने कहा कि विपक्षी दलों के आरोपों को लेकर वे पूरे मामले की विस्तृत जांच करेंगे।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल नेताओं व सांसदों को दक्षिण भारत के नारद न्यूज नामक एक वेबसाइट द्वारा किए गए स्टिंग में कथित तौर पर लाखों रुपये घूस लेते हुए दिखाया गया है। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय सचिव व पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी सिद्धार्थ नाथ सिंह ने संवाददाता सम्मेलन कर इस स्टिंग को सार्वजनिक कर दिया।

हालांकि यह स्टिंग 2014 में किया गया है जिसमें एक पुलिस अधिकारी व तृणमूल के 11 शीर्ष नेता व मंत्री को रुपये लेते हुए दिखाया गया है। यह खबर मीडिया में प्रचारित होने के बाद तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन, पार्थ चटर्जी व मुकुल रॉय ने संवाददाताओं से एक सुर में कहा कि स्टिंग फर्जी है। विपक्ष के पास राजनीतिक मुकाबले के लिए कोई मुद्दा नहीं है। इसीलिए ऐसे स्टिंग व दुष्प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।

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स्टिंग ऑपरेशन में एक फर्जी कंपनी द्वारा सरकारी सुविधाएं प्राप्त करने के एवज में तृणमूल के मंत्री, सांसद, मेयर व एक पुलिस अधिकारी समेत कुल 12 लोगों को चार से 20 लाख रुपये देने का दावा किया गया है। स्टिंग में यह भी दावा किया गया है कि कैमरे के समक्ष तृणमूल नेताओं ने रिश्वत स्वीकार की है।