यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सेतुसमुद्रम के पक्ष में द्रमुक ने दी जेलें भरने की धमकी
भारत और श्रीलंका के बीच जहाजों के सुगम आवागमन के लिए सेतुसमुद्रम परियोजना की हिमायत करते हुए द्रमुक प्रमुख एम ...और पढ़ें

नागपट्टनम। भारत और श्रीलंका के बीच जहाजों के सुगम आवागमन के लिए सेतुसमुद्रम परियोजना की हिमायत करते हुए द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि ने कहा है कि उनका मकसद इस मुहिम से लोकप्रियता हासिल करना नहीं है। पार्टी कोषाध्यक्ष एमके स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य सरकार परियोजना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से हलफनामा वापस नहीं लेती तो जेल भरो आंदोलन होगा।
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक सरकार ऐतिहासिक रामसेतु को नुकसान होने का दावा करते हुए परियोजना का विरोध कर रही है। उसने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है। परियोजना के तहत रामसेतु की जगह देश के दक्षिणी तट से श्रीलंका तक एक नौवहन मार्ग बनाया जाना है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में होने की वजह से परियोजना का काम ठप है।
परियोजना के समर्थन में राज्यव्यापी प्रदर्शन कर रही द्रमुक के नेता करुणानिधि ने सोमवार को कहा कि द्रमुक संस्थापक सीएन अन्नादुरई ही नहीं, अन्नाद्रमुक की स्थापना करने वाले एमजी रामचंद्रन भी इसके पक्षधर थे। लेकिन मुख्यमंत्री जयललिता इसका विरोध कर रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि समुद्री परिवहन में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं।
सेतुसमुद्रम से बड़े बंदरगाह बनेंगे और स्थानीय विकास होगा। तूतीकोरन, कोयंबटूर समेत कई इलाकों में द्रमुक ने प्रदर्शन किए। केंद्रीय जहाजरानी मंत्री जीके वासन ने चेन्नई में कहा कि केंद्र सेतुसमुद्रम परियोजना पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध है।
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