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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असहिष्णुता पर भाजपा-शिवसेना का पलटवार, कांग्रेस न सिखाए पाठ

By Lalit RaiEdited By:
Published: Mon, 30 Nov 2015 09:26 AM (IST)Updated: Mon, 30 Nov 2015 01:54 PM (IST)

असहिष्णुता पर जारी बहस के बीच शिवसेना ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। असहिष्णुता पर जारी बहस के बीच शिवसेना ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। पार्टी के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास असहिष्णुता से भरा हुआ है। कांग्रेस की नीतियों का खामियाजा देश आज भी भुगत रहा है। कांग्रेस को नैतिक तौर पर इस मुद्दे को उठाने का अधिकार ही नहीं है। लोकसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि असहिष्णुता पर बहस के बाद ही पार्टी कोई जवाब देगी। वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजूजू ने कहा कि सैटेनिक वर्सेज का मामला उठा कर कांग्रेस ने खुद को सवालों के घेरे में खड़ा कर लिया है। चिदंबरम ने खुद ही असहिष्णुता के मुद्दे पर अपनी पार्टी की हवा निकाल दी है।

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गृहमंत्री रिजूजू के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया। कमल नाथ ने कहा कि असहिष्णुता के मुद्दे पार्टी का रुख साफ है किसी एक नेता के बयान से पार्टी इस मुद्दे से किनारा करने नहीं जा रही है। सैटेनिक वर्सेज पर चिदंबरम ने अपने नजरिए को रखा था ,पार्टी उनके बयान से सहमत नहीं है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि पार्टी चिदंबरम के बयान का समर्थन नहीं करती है। देश की हालात के मद्देनजर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सही फैसला किया था।

इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि जितना ज्यादा इस मुद्दे को उछाला जा रहा है, उतना ही देश का नुकसान हो रहा है। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सहिष्णुता भारत ने दिखायी है। कुछ मुद्दों को अनावश्यक तरीके से बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जा रहा है।

सीपीआई-एम के नेता पी करुणाकरन ने कहा कि असहिष्णुता पर बहस के लिए उनकी पार्टी ने लोकसभा में नियम 193 के तहत नोटिस दिया है।

संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि इस सरकार के दौर में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है जिसकी वजह से देश के सामाजिक ताने-बाने पर असर पड़ा हो,देश में पूरी तरह से सहनशीलता का माहौल है। अलग अलग लेखकों के विचार अलग हैं,जिन्हें व्यक्त करने का अधिकार है देश में इससे पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं जिसका बड़े पैमाने पर विरोध होता रहा है। भाजपा के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि असहिष्णुता का मुद्दा प्रायोजित है लेकिन सरकार सहिष्णु तरीके से सभी सवालों का जवाव देने को तैयार है।

गौरतलब है कि असहिष्णुता के मुद्दे पर देशभर में साहित्यकार, लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ता केंद्र की एनडीए सरकार का विरोध कर रहे हैं। इस मामले में चालीस से ज्यादा साहित्यकारों ने पुरस्कार वापस कर दिेए थे। फिल्म अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान ने भी विरोध किया था हालांकि बाद में वो अपने बयानों से पलट गए थे।

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