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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रेलवे ने उठाया नया कदम, गर्भवती महिलाओं को मिलेगा लाभ

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Published: Fri, 07 Mar 2014 11:13 AM (IST)Updated: Fri, 07 Mar 2014 11:20 AM (IST)

गोरखपुर, प्रेम नारायण द्विवेदी। महिलाओं की रेल यात्रा सुखद बनाने के लिए रेलवे ने नया कदम उठाया है। अब गर्भवती ...और पढ़ें

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गोरखपुर, प्रेम नारायण द्विवेदी। महिलाओं की रेल यात्रा सुखद बनाने के लिए रेलवे ने नया कदम उठाया है। अब गर्भवती महिला को किसी भी आरक्षित श्रेणी में हर हाल में नीचे की बर्थ सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ 45 वर्ष से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को भी नीचे की बर्थ ही आरक्षित होगी।

पढ़ें: प्रतीक्षा सूची टिकटों की स्थिति के लिए एसएमएस सेवा शुरू

रेलवे बोर्ड ने साथ ही आरक्षित टिकट के आवेदन फार्म का प्रारूप बदल दिया है। नया फार्म जल्द ही आरक्षण कार्यालयों में मिलना शुरू हो जाएगा। नए आवेदन फार्म में यात्री को अब दो जगह मोबाइल नंबर लिखना होगा। एक नंबर घर के पता के लिए होगा, जो पहले से ही यात्री लिखते आ रहे हैं। दूसरा नंबर अलर्ट एसएमएस सुविधा के लिए होगा, जिसे ट्रेन नंबर, क्लास, बर्थ व बोर्डिग के साथ लिखना अनिवार्य होगा। टिकट कंफर्म या अपडेट होते ही यात्री के मोबाइल पर एसएमएस चला जाएगा। इसके लिए डिप्टी डायरेक्टर, ट्रैफिक कामर्शियल सामान्य द्वितीय संजय मनोचा ने संबंधित सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित कर दिया है। उनके मुताबिक, अनिवार्य रूप से व्यवस्थानुसार कार्यवाही सुनिश्चित कराई जाए।

गौरतलब है कि आवेदन फार्म में तीन बदलाव किए गए हैं। अब तीन की जगह पांच कालम निर्धारित हैं। अब तक आवेदन फार्म में यात्री से डाक्टर, वरिष्ठ नागरिक व अतिरिक्त प्रभार की ही जानकारी ली जाती रही है। यात्री को निर्धारित कालम में सही का निशान लगाना होता है। इससे यात्री को रियायत भी मिलती है। वरिष्ठ नागरिकों (58 वर्ष से ऊपर महिला और 60 वर्ष से ऊपर पुरुष) की रियायत तो मौके पर ही मिल जाती है, लेकिन, उन्हें यात्रा के दौरान टीटीई को मूल वरिष्ठता प्रमाण पत्र दिखाना अनिवार्य होता है। महिला यात्री को किसी भी श्रेणी के किराए में 50 फीसद, जबकि पुरुष यात्री के किराए में 40 फीसद की रियायत मिलती है। नए फार्म में अब दो और सवाल पूछे जाएंगे।

यह होगा अनिवार्य :गर्भवती महिला के लिए भी एक कालम होगा। उसमें उसे सही का निशान लगाना होगा। आवेदन के साथ गर्भवती महिला को मेडिकल सर्टिफिकेट भी देना होगा। उसी आधार पर नीचे का बर्थ आरक्षित किया जाएगा। टिकट वेटिंग होने पर उन्हें आरक्षित कोटा के तहत नीचे का बर्थ सुनिश्चित कराया जाएगा।