विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोलेजियम से जजों का सही चुनाव नहीं: गांगुली

By Edited By:
Published: Tue, 12 Aug 2014 07:18 AM (IST)Updated: Tue, 12 Aug 2014 07:19 AM (IST)

सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एके गांगुली ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की वर्तमान पद्धति पर सवाल उठाया है। कहा ...और पढ़ें

News Article Hero Image

कोलकाता। सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एके गांगुली ने न्यायाधीशों की नियुक्ति की वर्तमान पद्धति पर सवाल उठाया है। कहा कि कोलेजियम के माध्यम से न्यायाधीशों की नियुक्ति का तरीका कारगर नहीं है। इससे हमेशा सर्वोत्तम उम्मीदवारों का चयन नहीं हो पाता। गौरतलब है कि न्यायाधीश केएल मंजुनाथ की पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के तौर पर नियुक्ति के लिए कोलेजियम की ओर से की गई सिफारिशों को चुनौती देते हुए अदालत में याचिका दायर की गई थी।

याचिका में कहा गया था कि कोलेजियम पद्धति की गोपनीयता की वजह से न्याय व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है। इसे जनता के लिए सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके बाद देश के मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा ने कोलेजियम पद्धति का जोरदार बचाव किया था। अब जस्टिस गांगुली ने कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति करने वाले न्यायिक नियुक्ति आयोग में कौन-कौन शामिल होंगे, इसका निर्धारण संविधान के मुताबिक किया जाना चाहिए।

आयोग में अनिवार्य रूप से ऐसे लोगों को शामिल किया जाना चाहिए, जो निर्भीक हों और जिनके लिए ईमानदारी सबसे बढ़कर हो।

पढ़ें: तूल पकड़ रहा है काटजू का बयान

बदनामी के डर से नहीं हुई भ्रष्ट जजों पर कार्रवाई: काटजू

कोलेजियम पर कलह