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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुष्कर्म से पैदा हुअा बच्चा, तीन बाप के कारण नहीं हो रहा एडमिशन

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Fri, 22 Jul 2016 08:16 AM (IST)Updated: Fri, 22 Jul 2016 02:19 PM (IST)

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में एक चौकाने वाला मामला सामने अाया है। यहां एक बच्चे के तीन पिता होने के कारण अब स्कूल में नहीं मिल रहा एडमिशन।

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नई दुनिया, डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। सामूहिक दुष्कर्म से जन्मे बच्चे के प्रमाण-पत्रों में तीन पिता का नाम लिखा हुआ है। ये तीनों वही हैं, जिन पर महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगा।

इसी घटना के बाद महिला गर्भवती हो गई और फिर बच्चे का जन्म हुआ। तीनों आरोपी तीन साल तक जेल में रहे। बाद में साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने इन्हें बरी कर दिया। लेकिन एक पंचायत सचिव की लापरवाही से अब भी उनके नाम बच्चे और उसकी मां का पीछा नहीं छोड़ रहे हैं।

पांचवीं की पढ़ाई तक तो सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन जब बच्चे की कक्षा छह में एडमिशन की बारी आई तो मामले का खुलासा हुआ। जन्म प्रमाणपत्र और अंकसूची में तीन पिता का नाम दर्ज होने पर स्कूल ने एडमिशन नहीं दिया। मां दो साल से इसके लिए भटक रही है। अब जिला प्रशासन जांच में जुटा है कि गड़बड़ी कहां हुई।

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यह है मामला

2003 में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। गांव के तीन युवक मल्ले सिंह, ओमप्रकाश, बसंत दास को पुलिस ने आरोपी बनाया। तीनों को जेल भेज दिया गया। इधर, नाबालिग गर्भवती हो गई और उसने 15 मार्च 2004 को बच्चे को जन्म दिया।

पंचायत सचिव पीएच परस्ते ने तीनों आरोपियों के नाम जन्म प्रमाण-पत्र में बतौर पिता लिख दिया। इसी के आधार पर बच्चे का सरकारी स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश हो गया। मां जब छठी में बच्चे का एडमिशन कराने मिडिल स्कूल गई तो प्रधानाध्यापक ने यह कहकर उसे मना कर दिया कि पिता का नाम स्पष्ट नहीं है।

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