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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नई फसल बीमा योजना काफी सरल, लाभ उठाएं देश के किसानः पीएम

By Manish NegiEdited By:
Published: Wed, 13 Jan 2016 03:50 PM (IST)Updated: Thu, 14 Jan 2016 12:20 AM (IST)

सूर्यदेव के उत्तरायण होने के साथ ही किसानों को मोदी सरकार ने ऐतिहासिक सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है। अन्नदाता ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सूर्यदेव के उत्तरायण होने के साथ ही किसानों को मोदी सरकार ने ऐतिहासिक सुरक्षा कवच प्रदान कर दिया है। अन्नदाता को लोहड़ी, मकर संक्रांति, बीहू और पोंगल के मौके पर देश के किसानों को फसल बीमा का सुरक्षा कवच का तोहफा दिया है। इसका लाभ कुल साढ़े तेरह करोड़ किसानों को मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम वाली इस नई योजना में जहां प्रीमियम न्यूनतम डेढ़ से दो फीसद होगा, वहीं बीमा के क्षेत्र को और व्यापक कर दिया गया है।

नई फसल बीमा योजना के बारे में कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने आए केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने इसे सरकार का ऐतिहासिक फैसला करार दिया। उनके साथ वेंकैया नायडू भी थे। खास बात है कि राजनाथ व वेंकैया भी पहले कृषि मंत्री रह चुके हैं। सामाजिक व राजनीतिक रूप से बेहद अहम इस फैसले पर इन्होंने कहा कि मौसम की मार से आत्महत्या तक के लिए विवश होने वाले किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सुरक्षा का काम करेगी। किसानों की आर्थिक अनिश्चितता के माहौल को कम करेगी। पिछली फसल बीमा योजनाओं की खामियों को दूर करने के प्रावधान किये गये हैं।

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नई फसल बीमा योजना के बारे में कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बताया कि सुरक्षित फसल से ही किसान समृद्ध होगा। पहले जहां बीमा प्रीमियम 15 फीसद होता था, अब उसे घटाकर डेढ़ व दो फीसद कर दिया गया है। यानी अब रबी फसलों के लिए प्रीमियम डेढ़ फीसद और खरीफ फसल का प्रीमियम दो फीसद होगा। कैपिंग का प्रावधान पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे किसानों को पूरा लाभ मिलेगा। सिंह ने कहा कि कम प्रीमियम में ज्यादा जोखिम कवर होगा और ज्यादा सहायता मिलेगी।

फसल बीमा को व्यापक बनाते हुए इसे खेत में फसलों की बुवाई से खलिहान तक को समेट लिया गया है। पोस्ट हार्वेस्टिंग में होने वाले नुकसान को भी इसमें शामिल किया गया है। बीमा के क्लेम के लिए अब लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्राकृतिक आपदा के तुरंत बाद 25 फीसद क्लेम संबंधित किसानों के बैंक खाते में सीधे पहुंच जाएगा। जबकि बाकी का भुगतान नुकसान के आकलन के बाद किया जाएगा। इसमें फसलों की कटाई से प्राप्त आंकड़ा भी शामिल होगा। इसके लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को स्मार्ट फोन उपलब्ध कराया जाएगा।

प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के साथ इसमें स्थानीय आपदाओं को जोड़ लिया गया है। ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश अथवा आंधी तूफान से स्थानीय स्तर पर होने वाले नुकसान पर भी बीमा का भुगतान किया जाएगा।

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फसल बीमा को मौजूदा 23 फीसद से बढ़ाकर 50 फीसद तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। केंद्र सरकार को 8800 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। इतनी ही धनराशि राज्य सरकारों को खर्च करनी होगी। बटाई पर खेती करने वाले किसानों के लिए राज्यों को नियमों में बदलाव करने को कहा गया है, ताकि उन्हें भी बटाईदार का प्रमाणपत्र मिल सकेगा।

नई फसल बीमा योजना का सबसे ज्यादा फायदा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, विदर्भ, मराठवाड़ा और तटीय उड़ीसा के क्षेत्रों को मिलेगा। इस तरह के जोखिम वाले किसानों की खेती पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगी। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि ऋण लेने वाले किसानों के साथ इसमें गैर ऋणी किसानों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। बीमा योजना को किसानों में लोकप्रिय बनाने के लिए हर संभव उपाय किये जाएंगे।

यह होगा लाभ

- साढ़े तेरह करोड़ किसानों को मिला फसल बीमा का सुरक्षा कवच

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर आएगा 8800 करोड़ का खर्च

- फसल बीमा के दायरे में खेत से खलिहान तक को समेटा गया

- आत्महत्या को मजबूर होने वाले किसानों को मिली ऑक्सीजन

- ज्यादा फायदा पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ व बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों को मिलेगा

- बटाईदार खेतिहरों को राज्यों से कानून में संशोधन करने का आग्रह

क्या कहा प्रधानमंत्री ने

किसान भाइयों और बहनों, लोहड़ी, पोंगल और बीहू जैसे पर्व के अवसर पर सरकार ने आपको प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का तोहफा दिया है। यह किसानों की जिंदगी बदल देगा। इसका प्रीमियम न्यूनतम है, इसके उपयोग में तकनीक का इस्तेमाल होगा और निश्चित समयावधि में इसका समाधान भी होगा।

- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

क्या कहा अमित शाह ने

फसल बीमा योजना स्वतंत्रता के बाद से अब तक किसानों के हक में लिया गया सबसे बड़ा फैसला है। पुरानी योजनाओं की जटिलताओं के जाल से निकलकर नई योजना किसानों को न्यूनतम कीमत पर अधिकतम बीमा की राहत देगी।

अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष

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