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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गेहूं की फसल में समय से पहले आई बालियां, किसान ¨चतित

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Published: Wed, 13 Jan 2016 01:00 AM (IST)

संवाद सहयोगी, घरौंडा : सर्दी के मौसम में अधिक तापमान होने से गेहूं की फसल पर इसका प्रभाव पड़ना शुरू

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संवाद सहयोगी, घरौंडा :

सर्दी के मौसम में अधिक तापमान होने से गेहूं की फसल पर इसका प्रभाव पड़ना शुरू हो गया है। गेहूं का तना बढ़ नहीं रहा है, लेकिन छोटे तने पर ही गेहूं की फसल पर बालियां आनी शुरू हो गई हैं। इससे किसानों की ¨चताएं बढ़नी शुरू हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अगर ठंड नहीं पड़ी तो गेहूं की फसल में बीमारी लगने से आशंका साफ नजर आ सकती है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो ठंड नहीं पड़ने से गेहूं का दाना सिकुड़ जाएगा व पैदावार भी कम होगी। दिसम्बर व जनवरी का माह अधिक ठंड पड़ने का महीना माना जाता है। सर्दी के मौसम का लगभग आधा समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई खास ठंड नहीं पड़ी है। गेहूं की फसल में ठंड सोने की तरह बरसती है। इससे दाना मोटा होता है, जिससे पैदावार में बढ़ोतरी होती है। ठंड नहीं पड़ने से गेहूं की फसल पर असर पड़ना शुरू हो गया है। किसानों का अनुमान था कि इस बार गेहूं की बंपर पैदावार होगी, लेकिन कम ठंड से किसानों के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। कस्बे व आसपास के गांवों में कई एकड़ गेहूं की फसल में बालियां आनी शुरू हो गई हैं।

बॉक्स

फोटो---11 नंबर है।

पैदावार होगी प्रभावित

फुरलक निवासी शमशेर ¨सह मलिक ने बताया कि इस बार इतनी ठंड नहीं पड़ी, जितनी पड़नी चाहिए। ठंड कम पड़ने से गेहूं की फसल की पैदावार पर प्रभाव पड़ सकता है। ठंड नहीं पड़ने से तने की फूट नहीं होती है। अगर ठंड ज्यादा पड़ती है, तो तने में ज्यादा फुलाव हो जाता है। ज्यादा फुलाव से गेहूं का दाना मोटा होता है व पैदावार भी ज्यादा होती है।

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नुकसान की आशंका

किसान नरेंद्र ने कहा कि ठंड नहीं पड़ने से गेहूं की फसल में पीलापन आना शुरू हो गया है। इससे बीमारी फैलने के कारण नुकसान होने की आंशका पैदा हो गई है। किसान पहले ही आर्थिक तौर पर पूरी तरह से टूटा हुआ है। इस मौसम ने उसकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।

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पत्तों का रंग होने लगा पीला

भाकियू के ब्लॉक प्रधान सुक्रमपाल ने बताया कि उसने लगभग 12 एकड़ मे गेहूं की फसल व पांच एकड़ में सरसों की फसल उगाई हुई है। गेहूं की फसल के लिए पर्याप्त ठंड न पड़ने से समय से पूर्व बालियां आनी शुरू हो गई हैं। पत्तों का रंग भी पीला हो गया है। सरसों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।

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गोभ का कीड़ा लगने की आशंका

शेखपुरा निवासी सुख¨वद्र ¨सह ने बताया कि इस बार ठंड कम पड़ रही है, जिससे गेहूं की फसल में गोभ व कीड़ा लगने की आशंका बनी है। अगर तापमान इसी प्रकार रहा तो पैदावार में कमी आएगी। किसान का कहना है कि जब तक फसल के मुताबिक ठंड नहीं पड़ती गेहूं की ग्रोथ नहीं होगी। बगैर ग्रोथ के बेल आ गई हैं। इससे पैदावार कम होगी।

वर्जन

खंड कृषि अधिकारी डॉ. रामपाल कादियान ने बताया कि इस बार गेहूं की फसल के मुताबिक ठंड नहीं पड़ रही है। इससे गेहूं की फसल का फुटाव कम होगा व पैदावार भी कम होगी। लंबी सर्दी पड़ती तो गेहूं का दाना मोटा होता और पैदावार भी ज्यादा होती। समय से पहले गेहूं की फसल पर बालियां आने से फसल पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।