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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उबर ने माना, भारत में तोड़े नियम, मांगी माफी

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Thu, 11 Dec 2014 04:25 AM (IST)Updated: Thu, 11 Dec 2014 07:57 AM (IST)

अमेरिकन कैब प्रदाता कंपनी उबर के एशिया पैसिफिक हेड एरिक एलेक्जेंडर ने माना कि भारत में सभी नियम कानून को ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। अमेरिकन कैब प्रदाता कंपनी उबर के एशिया पैसिफिक हेड एरिक एलेक्जेंडर ने माना कि भारत में सभी नियम कानून को ताक पर रखकर कंपनी कैब सेवाओं का परिचालन कर रही थी। कंपनी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि वह विश्व की ऐसी कैब कंपनी है जो यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर सभी नियम कानून का पालन करती है। लेकिन भारत में ऐसा नहीं करने पर उन्हें बेहद अफसोस है।

एलेक्जेंडर न्यूयार्क में रहते हैं। घटना के बाद कंपनी की नीति जानने के लिए दिल्ली पुलिस ने उन्हें भारत बुलाया था। मंगलवार शाम को वह दिल्ली पहुंच गए थे। मंगलवार शाम को ही पुलिस ने सराय रोहिल्ला थाने बुलाकर उनसे कई घंटे पूछताछ की। उसके बाद वह देर रात अशोका होटल लौट गए थे। बुधवार शाम साढ़े छह बजे उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए सिविल लाइन स्थित उत्तरी जिला के डीसीपी कार्यालय बुलाया गया, वहां उनसे घंटों पूछताछ की गई।

भारत में नहीं माने जा रहे थे मानक

उन्होंने बताया कि कंपनी केवल 20 फीसद कमीशन लेती है। बाकी पैसे एक सप्ताह के अंदर चालक को दे देती है। उन्होंने कहा कि कई देशों में चालकों का अच्छी तरह सत्यापन करने के बाद ही उन्हें रखा जाता है। जीपीएस समेत अन्य कई तकनीक के माध्यम से कंपनी की 24 घंटे कैब व चालकों पर नजर रहती है, लेकिन भारत में कुछ समय पहले ही अपनी सेवा शुरू करने के कारण यहां सुरक्षा मानकों को अमल में नहीं लाया जा सका। एडिशनल डीसीपी बिजेंद्र यादव की पूछताछ में एलेक्जेंडर ने कंपनी की तरफ से लापरवाही स्वीकार की। कैब चालकों के उबर से जुडऩे पर उनका सत्यापन नहीं कराए जाने को अनुचित करार देते हुए एलेक्जेंडर ने उसका ठीकरा गुडग़ांव स्थित कंपनी के महाप्रबंधक गगन भाटिया पर फोड़ा। दिल्ली पुलिस ने उबर कंपनी के खिलाफ फर्जीवाड़ा का केस दर्ज किया है।

मांगी माफी

पुलिस अधिकारी ने एलेक्जेंडर से पूछा कि पांच दिसंबर को घटना वाली रात कैब चालक शिवकुमार यादव ने जब कंपनी द्वारा दिए गए जीपीएस युक्त आइफोन को बंद कर दिया था तब उबर ने इसकी जानकारी पुलिस को क्यों नहीं दी। कंपनी के महाप्रबंधक गगन भाटिया या ऑफिस के किसी अन्य अधिकारी ने युवती से भी संपर्क कर पूछताछ करने की कोशिश क्यों नहीं की। इन सवालों के जवाब में उन्होंने कुछ नहीं बोला और कंपनी से हुई गलती के लिए क्षमा मांगी। पुलिस ने उबर से डाटा उपलब्ध कराने की मांग की है कि उनके कितने चालक रात के समय ड्यूटी पर होते हैं। घटना वाली रात कितने व कौन-कौन ड्यूटी पर थे। एनआरआइ महिला निधि शाह द्वारा शिवकुमार के खिलाफ की गई शिकायत के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है। वह गगन भाटिया से जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई संबंधी जानकारी पुलिस को देंगे।

उबर पर कौन लगाएगा प्रतिबंध

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। उबर पर प्रतिबंध लगाने के मामले में दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग और दिल्ली यातायात पुलिस के बीच ठन गई है। परिवहन विभाग ने जरूरी संसाधनों के अभाव का हवाला देकर प्रतिबंध लागू करवाने की जिम्मेदारी यातायात पुलिस की तरफ खिसका दी है और उसे पत्र लिखा है। वहीं, यातायात पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि उन्हें पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। यातायात पुलिस ने कहा है कि चूंकि प्रतिबंध लगाने का फैसला विभाग के स्तर पर लिया गया है तो उसको लागू कराने का काम भी उसी के स्तर पर किया जाना चाहिए। परिवहन उपायुक्त एस. विश्वास राय ने कहा कि उबर पर लगाए गए प्रतिबंध पर अमल होने में एक-दो दिन का समय लग सकता है। दूसरी ओर जानकारों का कहना है कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित टैक्सी सेवा को प्रतिबंधित करने के लिए अभी कोई कानून ही नहीं है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी कानून 2000 में संशोधन करना होगा।

दूसरे देशों में भी मुश्किल में उबर

उबर की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। कंपनी पर भारत और नीदरलैंड के बाद थाइलैंड में भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। अमेरिका के कई शहरों में भी प्रतिबंध की कवायद चल रही है।

* लॉस एंजिल्स और सैन फ्रांसिस्को में अभियोजकों ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा करने की बात कही है। यूएसए टुडे के मुताबिक झूठी सूचना के आरोप में मुकदमा किया जाएगा।

* पेनसिल्वेनिया और वर्जीनिया में एप से बुकिंग पर रोक लगा दी गई है। न्यूयार्क, शिकागो, वाशिंगटन, डेनेवर, मियामी में भी उबर और एक अन्य एप बुकिंग सेवा देने वाली कंपनी लिफ्ट के खिलाफ आवाज उठ रही है।

* स्पेन और थाइलैंड में भी कंपनी की सेवा प्रतिबंधित कर दी गई है। जर्मनी में सितंबर में ही फ्रैंकफर्ट की अदालत उबर को सेवा बंद करने का आदेश दे चुकी है।

* फ्रांस में शुक्रवार को पेरिस की एक अदालत इस कंपनी की सेवा जारी रखने पर फैसला लेगी।

पूर्व चालक पर हत्या का आरोप

अमेरिका में उबर के एक पूर्व चालक पर हत्या का आरोप लगा है। सैन फ्रांसिस्को में पिछले साल 31 दिसंबर को सैयद मुजफ्फर नामक उबर चालक ने सड़क पार करते समय हुआन कुआंग, उसकी छह साल की बेटी सोफिया लियु और चार साल के बेटे एंथनी लियु को धक्का मार दिया था। हादसे में सोफिया की मौत हो गई। कुआंग ने उबर और मुजफ्फर पर मुकदमा दायर किया। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने मंगलवार को मुजफ्फर पर हत्या का आरोप तय किया। वहीं, हफिंगटन पोस्ट के अनुसार शिकागो पुलिस एक उबर चालक के खिलाफ दुष्कर्म के मामले की जांच कर रही है।

शिवकुमार के पास मिले दो डीएल

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत युवती से दुष्कर्म के आरोपी कैब चालक शिवकुमार यादव के मथुरा स्थित घर से पुलिस को दो ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) मिले हैं। इनमें एक मैनपुरी के परिवहन कार्यालय और दूसरा दिल्ली से बनवाया गया है। उसका तीसरा मोबाइल फोन मंगलवार रात ही बरामद कर लिया गया था। साथ ही वारदात के वक्त पहने गए कपड़े भी मिल गए हैं।

पुलिस का कहना है कि दिल्ली परिवहन विभाग से पूछने पर पता चला कि विभाग ने उसे कोई लाइसेंस जारी नहीं किया है। विभाग में शिवकुमार के नाम से कोई रिकार्ड नहीं है। पुलिस जांच कर रही है कि कहीं उसने फर्जी नाम व पते पर तो दिल्ली से ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवाया था। बुधवार को भी शिवकुमार से कई बार पूछताछ की गई। उसके दो चालकों गौरव और कमल को भी घंटों पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। जांच में पता चला है कि शिवकुमार ने पिछले साल पत्नी के गहने बेचकर व बैंक से कर्ज लेकर स्विफ्ट डिजायर कार खरीदी थी। उसने कार खरीदने के लिए जिस बैंक से कर्ज लिया था पुलिस उसका पता लगाने की कोशिश कर रही है।

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