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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा से सटे गांव के लोग जा रहे हैं सुरक्षित जगह

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Published: Fri, 30 Sep 2016 01:19 PM (IST)Updated: Fri, 30 Sep 2016 02:23 PM (IST)

भारतीय सेना के सर्जिकल अटैक के बाद भारत-पाक सीमा पर बसे गांवों को एहतियातन खाली कराया जा रहा है। गृहमंत्री ...और पढ़ें

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फिरोजपुर, एएनआई। भारतीय सेना के सर्जिकल अटैक के बाद भारत-पाक सीमा पर बसे गांवों को एहतियातन खाली कराया जा रहा है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह के आदेश के बाद सीमा और उसके आस-पास में बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है। इसी क्रम में फजिल्का का पास के गांव के लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जा रहे हैं।

तो वहीं कई ऐसे भी हैं जो पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इन गांव के लोगों का कहना है कि सेना के साथ ही गांव में डटे रहेंगे। फिरोजपुर में जीरो लाइन से सटे गांव कालुवाला के गामीणों ने अपने गांव में ही रहने का फैसला किया है।पठानकोट में भी लोगों ने अपने गांव को नहीं छोड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि गुलाम कश्मीर में अंतिम आतंकी शिविर को तबाह करने तक कार्रवाई होनी चाहिए और इसके लिए हम तैयार हैं।

भारत-पाक सीमा पर जीरो प्वाइंट यानी आखिरी छोर पर बसे रामगढ़ के गांव एसएम पुर और चमलियाल के डग छन्नी के लोग अपने घरों में ही डटे हुए हैं। एसएम पुर के निवासी 10 डोगरा रेजीमेंट से सेवानिवृत अवदेश ने कहा कि उनके गांव के कुछ परिवारों ने जरूर पलायन किया है, लेकिन अन्य यहीं पर डटे हुए हैं।

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