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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कालेधन की जांच 31 मार्च तक खत्म करें

By manoj yadavEdited By:
Published: Tue, 13 Jan 2015 08:47 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 13 Jan 2015 08:58 PM (GMT+05:30)

केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्विस बैंक में कालाधन रखने वालों की जांच हर हाल में 31 मार्च तक ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने स्विस बैंक में कालाधन रखने वालों की जांच हर हाल में 31 मार्च तक पूरी करने का निर्देश दिया है। एचएसबीसी से प्राप्त सूची के आधार पर यह जांच की जा रही है। बोर्ड ने कहा कि विदेशों में मौजूद सबूतों को जल्द जुटाया जाए ताकि मार्च अंत तक अंतिम कार्रवाई शुरू हो सके।

एसआईटी ने उजागर किए हैं नाम

एचएसबीसी बैंक की जिनेवा शाखा से विदेशों में कालाधन रखने वाले 628 लोगों के नाम की कालेधन की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल ने हाल ही में उजागर किए हैं। इन लोगों के 4479 करोड़ रुपए विदेशी बैंकों में जमा हैं। बोर्ड से जुड़े सूत्रों ने बताया कि आयकर की सभी जांच इकाइयों को उक्त कालेकुबेरों से जुड़ी जानकारियां विदेशों से जुटाने का काम 15 फरवरी तक पूरा कर लेना चाहिए, क्योंकि चालू वित्त वर्ष की 31 मार्च को समाप्ति के साथ ही ये केस कालातीत हो जाएंगे। सीबीडीटी ने इन मामलों की जांच में गति लाने के लिए ताजा निर्देश इसीलिए जारी किए हैं-

शीर्ष नीति निर्धारक है बोर्ड

सीबीडीटी आयकर विभाग की शीर्ष निर्धारक इकाई है। इसलिए वह चाहता है कि कालेधन की जांच 31 मार्च 2015 तक हर हाल में पूरी हो जाए, यदि इन काले कुबेरों के खिलाफ इस अवधि में जांच पूरी नहीं हुई तो उसकी वैधानिकता खत्म हो जाएगी। चूंकि कालेधन के ये मामले वित्त वर्ष 2007-08 के हैं इसलिए मौजूदा कानून के अनुसार इन मामलों केस चलाने और कानूनी कार्रवाई करने की अधिकतम समयसीमा यही है।

अमेरिका, ब्रिटेन, गल्फ से मंगाना है जानकारी

जांच एजेंसियों को अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड व खाड़ी देशों को कानूनी जांच के लिए आग्रह पत्र भेजकर काले कुबेरों से संबंधित जानकारियां मंगाना है। इसके पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली भी कह चुके हैं कि कालेधन के मामले की जांच 31 मार्च तक पूर्ण कर ली जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी के अध्यक्ष जस्टिम एमबी शाह व सदस्य अरिजित पसायत भी दिसंबर में पेश अपनी रिपोर्ट में कह चुके हैं कि निर्धारित अवधि में इन केसों को तार्किक व कानूनी परिणित तक पहुंचा दिया जाएगा।

तो समय-सीमा बढ़ाएं- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कालाधन मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से कहा है कि यदि जांच 31 मार्च तक पूरी नहीं हो पाती है तो समय सीमा बढ़ाने के बारे में उचित आदेश पारित करे या कानून बनाए। कोर्ट ने एसआईटी को अपनी जांच की प्रतियां याचिकाकर्ता राम जेठमलानी को उपलब्ध कराने पर विचार करने को कहा।

अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुनवाई के दौरान कहा कि जांच में समय सीमा बीतने का मसला नहीं उठेगा, क्योंकि अब कर चोरी के मामले में अपराध होने के समय से 16 साल तक कानूनी कार्यवाही की जा सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने मामले की सुनवाई 20 जनवरी तक स्थगित कर दी।

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