यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 06, 2012 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हाजी अली नहीं जा सकतीं महिलाएं
मुंबई। मुंबई के हाजी अली दरगाह के प्रबंधन ने दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के आदेश को ...और पढ़ें

मुंबई। मुंबई के हाजी अली दरगाह के प्रबंधन ने दरगाह में महिलाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के आदेश को और सख्ती से बरतने का फरमान जारी किया है। प्रबंधन ने मंगलवार को ये बात साफ कर दी है कि यह काफी पवित्र स्थान हैं और इस्लाम में महिलाओं का प्रवेश पहले से ही स्वीकार्य नहीं है। इसलिए दरगाह प्रबंधन ने आदेश दिए हैं कि महिलाएं सिर्फ दरवाजे के बाहर खड़ी हो सकती हैं, लेकिन अंदर जहां 15 वीं सदी के सूफी संत पीर हाजी अली शाह बुखारी की कब्र है वहां नहीं जा सकती हैं। प्रबंधन अपने इस फैसले पर बिल्कुल अड़ी है। जाने माने वकील और दरगाह के एक ट्रस्टी रिजवान मर्चेट ने कहा है कि महिलाएं बाहर से फूल अर्पित कर प्रार्थनाएं कर सकती हैं, लेकिन उन्होंने अंदर जाने से बिल्कुल इन्कार किया है।
गौरतलब है कि ये दरगाह मुंबई के तट पर 500 मीटर पानी के भीतर स्थित है। मर्चेट ने बताया कि शरिया कानून के तहत ये फतवा जारी किया गया था। हालांकि ये फतवा छह महीने पहले ही जारी किया गया था जिसको लेकर काफी विरोध भी हुआ था, लेकिन अब इसमें कुछ सुधार करके इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।
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