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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को आंग सान सू ने बताया दशकों पुरानी समस्या

By Kishor JoshiEdited By:
Published: Thu, 07 Sep 2017 12:19 PM (IST)

म्यांमार की स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की ने कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों की समस्या का समाधान मैं अपने 18 महीने के शासन में कर दूंगी।

रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को आंग सान सू ने बताया दशकों पुरानी समस्या
रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे को आंग सान सू ने बताया दशकों पुरानी समस्या

 नई दिल्ली (एजेंसी)।  रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर नोबेल पुरस्कार विजेता और म्यांमार की स्टेट काउंसिलर आंग सान सू की ने  कहा है कि रोहिंग्या मुसलमानों का मुद्दा दशकों पुरानी समस्या है। ऐसे में मुझसे यह उम्मीद करना कि मैं अपने 18 महीने के शासन में इस समस्या का समाधान कर दूंगी, ऐसा सोचना थोड़ा अनुचित होगा। सू की ने कहा कि म्यांमार सरकार आम लोगों के बीच से आतंकियों की पहचान कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी इस समस्या को भारत बेहतर ढ़ंग से समझ सकता है।

 

उन्होंने अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा करना हमारा भरोसा दिया और इसे अपना दायित्व बताय़ा। सू की के मुताबिक सरकार अपना सर्वश्रेष्ठ कर रही है। उन्होंने कहा कि हालांकि हमारे पास पर्याप्त संसाधन नहीं है। इसके बावजूद उनकी ओर से भरोसा दिलाया गया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के तहत सुरक्षा दी जाएगी।   

 

 रोहिंग्या मुसलमानों पर अत्याचार के मामले के मुद्दे पर आंग सान सू ची की चुप्पी का चारों तरफ विरोध किया जा रहा है। कुछ लोगों ने आंग सांग सू ची से अपना नोबल पुरस्कार वापस लौटाने की मांग की। पाकिस्तान की  नोबेल का शान्ति पुरस्कार विजेता मलाला ने भी सूकी की चुप्पी पर सवाल उठाया था।  दरअसल म्यांमार के रखाइन प्रांत में रहने वाले रोहिंग्या मुसलमान इन दिनों सेना की कार्रवाई से परेशान होकर दूसरे देशों में शरण के लिए पहुंच रहे हैं।

 

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