यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
केजरीवाल के सामने बिजली कंपनियों की नहीं चली
आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव के दौरान किया गया एक और वादा पूरा कर दिया। दिल्ली की निजी ...और पढ़ें

नई दिल्ली [जासं]। आम आदमी पार्टी की सरकार ने चुनाव के दौरान किया गया एक और वादा पूरा कर दिया। दिल्ली की निजी बिजली वितरण कंपनियों के खातों की जांच कैग [नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक] से कराई जाएगी। राज्य सरकार की सिफारिश पर उपराज्यपाल नजीब जंग ने बुधवार शाम को ऑडिट का आदेश जारी कर दिया। इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि बिजली कंपनियों का जो जवाब आया है, उनमें उनमें कहीं कोई ऐसा कारण नजर नहीं आता है कि उनका ऑडिट ना कराया जा सके।
मंगलवार को दिल्ली सरकार द्वारा बिजली कंपनियों को नोटिस जारी कर पूछा गया था कि क्यों न उनके खातों की जांच कैग से कराई जाए। बुधवार को कंपनियों ने अपने जवाब में कहा कि ऑडिट का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में चल रहा है। ऐसे में कोर्ट के फैसला का इंतजार करना चाहिए। ऑडिट में लगने वाले समय के बाबत केजरीवाल ने बताया कि कैग ने कहा है कि ये तो बिजली कंपनियों के सहयोग पर निर्भर करेगा, लेकिन फिर भी सरकार की कोशिश रहेगी कि कम से कम समय लगे।
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हाई कोर्ट ही करेगा जांच का फैसला
दिल्ली सरकार ने बिजली कंपनियों के खातों की जांच के आदेश भले ही कैग को दे दिए हों, मगर सचाई यही है कि खातों की जांच हो या न हो, यह फैसला दिल्ली हाई कोर्ट को करना है। अदालत यह तय करेगी कि कैग की जांच की परिधि में दिल्ली की निजी बिजली कंपनियां आती हैं या नहीं? कहा यह जा रहा है कि अगर अदालत का फैसला कैग से जांच कराए जाने के खिलाफ हुआ तो सूबे की सरकार की यह कवायद बेकार साबित हो सकती है। वहीं इस मामले में निजी बिजली कंपनियों के दावों के उलट यह भी सच है कि हाई कोर्ट ने उनके खातों की जांच पर किसी भी तरह की रोक नहीं लगाई है।
आज हासिल करेंगे विश्वास मत
आम आदमी पार्टी सरकार को गुरुवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल करना है। उन्हें समर्थन दे रही कांग्रेस ने कहा है कि सरकार आसानी से विश्वास मत हासिल कर लेगी। बुधवार को पांचवीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू हो गया। पहले दिन प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा सभी अन्य विधायकों को शपथ दिलाई। इस दौरान भाजपा के कुछ विधायकों ने सदन में आप टोपी पहनकर आने पर आपत्ति भी जताई।
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