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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

असम में शांति, उग्रवादियों के खिलाफ सेना का अभियान जारी

By Sudhir JhaEdited By:
Published: Mon, 29 Dec 2014 10:01 AM (IST)Updated: Mon, 29 Dec 2014 02:04 PM (IST)

उग्रवादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के संगबिजीत गुट के गत सप्ताह के खूनी खेल के बाद पिछले ...और पढ़ें

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गुवाहाटी। एनडीएफबी के खूनी खेल के बाद अब असम में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। रविवार को किसी नई वारदात की सूचना नहीं है। उधर, उग्रवादियों के खिलाफ सेना का अभियान जारी है। बताया गया है कि सेना का अभियान उग्रवादियों के खात्मे तक जारी रहेगा। प्रदेश के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने पुलिस महानिदेशक के साथ स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान राहत शिविरों की संख्या में भी इजाफा किया गया और इसमें शरण लेने वालों की तादाद भी बढ़ी है।

असम में सेना द्वारा चलाए जा रहे आपरेशन आल आउट में कई लिंकमैन को गिरफ्तार किया गया है। कोकराझाड़ में एक अस्थाइ ठिकाने से कई वाहन बरामद किए गए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, गोगोई ने डीजीपी खगेन शर्मा को हिंसाग्रस्त इलाकों में स्थिति जल्द सामान्य करने की बात कही है, ताकि लोग अपने घरों की ओर लौट सकें। उन्होंने प्रदेश के मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधिकारियों के साथ भी हालात पर चर्चा की। राज्य गृह आयुक्त प्रतीक हलेजा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह प्रदेश सरकार के काबू में है। पिछले 48 घंटों में ङ्क्षहसा की कोई वारदात नहीं हुई है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीके तिवारी ने बताया कि हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों की संख्या में इजाफा किया गया है। इसे 81 से बढ़ाकर 136 कर दिया गया है, जिसमें एक लाख 76 हजार से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी है। प्रशासन हिंसा प्रभावित चारों जिलों कोकराझाड़, शोणितपुर, चिरांग व उदालगुड़ी में मुस्तैदी से राहत कार्यो में जुटा है।

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