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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आर्ट ऑफ लिविंग को NGT से राहत, 5 करोड़ चुकाने को मिला 3 हफ्तों का समय

By Sanjeev TiwariEdited By:
Published: Fri, 11 Mar 2016 11:06 AM (IST)Updated: Fri, 11 Mar 2016 04:11 PM (IST)

अार्ट अाफ लिविंग ने पैसा जमा करने के लिए एनजीटी से 4 हफ्ते का समय मांगा। एनजीटी ने एअोएल की ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। आर्ट ऑफ लिविंग (एअोएल) को एनजीटी से राहत मिली है। एनजीटी ने एओल को राशि जमा करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया है। अपने आदेश के दौरान एनजीटी ने एओएल की मांग स्वीकार करते हुए 25 लाख रुपये अाज जमा करने का निर्देश दिया, बाकी 4 लाख 75 हजार की राशि जमा करने के लिए 3 हफ्ते की मोहलत दी।

बता दें कि सुनवाई के दौरान आर्ट ऑफ लिविंग ने एनजीटी से कहा था कि वे इतने कम समय में 5 करोड़ रुपये नहीं भर सकते हैं। एओएल ने इसके लिए एनजीटी से 4 हफ्ते का समय मांगा था।

इससे पहले एनजीटी ने अार्ट अाफ लिविंग को शुक्रवार तक 5 करोड़ रुपए जुर्माना देने का अादेश दिया था। वहीं अार्ट अॉफ लिविंग की अोर से कहा गया कि यह एक चैरिटेबल ऑर्गेनाइजेशन हैं, 5 करोड़ रुपए जुटाना मुश्किल है।

वहीं एनजीटी ने श्रीश्री रविशंकर के बयान " मैं पांच करोड़ नहीं दूंगा अौर जेल जाने के लिए तैयार हूं" का हवाला देते हुए अार्ट अाफ लिविंग को फटकार लगाई अौर कहा कि ट्रिब्युनल को विवाद का विषय न बनाएं। एनजीटी ने कहा कि इतने बड़े व्यक्ति से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं थी।

एनजीटी ने जल संसाधन मंत्रालय की खींचाई करते हुए कहा इतने प्रदूषण के बावजूद अाप ने यमुना को बचाने के लिए कुछ नहीं किया। इसके बाद एनजीटी ने एओएल की अर्जी को स्वीकार कर उसे 4 करोड़ 75 लाख रुपए जमा करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। इसके साथ ही एनजीटी ने कहा कि यदि अार्ट अॉफ लिविंग पैसा नहीं जमा करता है तो संस्कृति मंत्रालय को पैसा जमा करना पड़ेगा।

इस पूरे प्रकरण पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इसमें कोई विवाद नहीं है। श्री श्री रवि शंकर विवादास्पद मुद्दों को हल करने के लिए जाने जाते हैं।

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गौरतलब है कि शुक्रवार को जुर्माना न देने पर एनजीटी ने पर्यावरणविदों की अोर से दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया था, जिसमें अार्ट अॉफ लिविंग की अोर से अायोजित होने वाले कार्यक्रम को रद करने की मांग की गई थी।

वहीं राष्ट्रवादी शिवसेना की अोर से धमकी मिलने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर एनजीटी कोर्ट के बाहर भारी संख्या में सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं।

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गौरतलब है कि श्री श्री रविशंकर के वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल कार्यक्रम को लेकर एनजीटी द्वारा लगाए गए जुर्माने की रकम भरने का आज अंतिम दिन है। आज शाम तक जुर्माना की राशि न भरने की सूरत में एनजीटी कार्यक्रम को दी गई इजाजत को वापस ले सकता है। इस मामले में एनजीटी ने खुली अदालत में सुनवाई के बाद आर्ट ऑफ लीविंग को पांच करोड़ रुपये जमा करने का आदेश सुनाया था। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि रुपए जमा न करने पर कानून अपना काम करेगा। हालांकि श्री श्री रविशंकर ने एनजीटी द्वारा लगाए इस जुर्माने को भरने से साफ इंकार कर दिया था।

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एनजीटी मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि वह पैसा क्यों जमा करे। उन्होंने के प्रमोशन के लिए काम कर रहे हैं।

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