यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भाजपा के खिलाफ बयानबाजी से लगता है शिवसेना ने मान ली हार: रुडी
महाराष्ट्र के चुनावी रण में शब्दों के तीर लगातार एक दूसरे पर चलाए जा रहे हैं। भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के ...और पढ़ें

मुबंई। महाराष्ट्र के चुनावी रण में शब्दों के तीर लगातार एक दूसरे पर चलाए जा रहे हैं। भाजपा-शिवसेना गठबंधन टूटने के बाद शिवसेना ने आज पीएम मोदी और भाजपा पर सबसे तीखा प्रहार किया है। शिवसेना की बयानबाजी से खफा भाजपा ने कहा है कि शिवसेना ने 15 अक्टूबर को चुनाव होने से पहले ही अपनी हार मान ली है जिसकी वजह से इस तरह की बयानबाजी की जा रही है।
भाजपा के महाराष्ट्र प्रभारी राजीव प्रताप रुडी ने कहा कि वे चुनाव लड़ रहे हैं तो उन्हें एनसीपी और कांग्रेस के खिलाफ भी बोलना चाहिए। शिवसेना केवल भाजपा पर ही हमले क्यों कर रही है। इससे यह लगता है कि उन्होंने चुनाव के पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है। पीएम ने जब यह कह दिया कि हम शिवसेना के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलेंगे, उसके बाद भी शिवसेना हमारे ऊपर हमले कर रही है, जैसे कि भाजपा ही उसकी दुश्मन नंबर एक है। एक तरफ तो आप यह कह रहे हैं कि हमारा सबसे मजबूत गठबंधन था और सबसे लंबे समय तक चला, तो आप इस तरह की बातें क्यों कर रहे हैं। हकीकत तो यह है कि उन्हें यह पता चल गया है कि वे भाजपा के मुकाबले में काफी पीछे हैं, जिसकी वजह से इस तरह के निराशाजनक बयान दे रहे हैं।
गौरतलब है कि शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा है कि अगर पीएम मोदी इतने लोकप्रिय हैं और उनकी लहर चल रही है तो वे दर-दर घूमकर क्यों प्रचार कर रहे हैं। उन्हें तो दिल्ली में बैठकर महाराष्ट्र की जनता को संदेश दे देना चाहिए।
इसके अलावा महाराष्ट्र में भाजपा द्वारा चलाये जा रहे चुनाव प्रचार अभियान की तुलना 17वीं सदी में बीजापुर के सेनापति अफजल खान की सेना द्वारा शिवाजी के शासन पर किए गए हमले से की है। शिवसेना ने कहा है कि ये लोग अफजल खान की सेना की तरह हैं जो इस राज्य को जीतना चाहते हैं। भाजपा भी राज्य को टुकडों में बांटने की मंशा रखती है। हालांकि, शिवसेना नेता ने चेतावनी दी कि भाजपा का भी वही हश्र होगा जो अफजल खान का हुआ था।
