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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुजफ्फरनगर दंगा: दबाव में आई अखिलेश सरकार ने दिखाई सख्ती

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Published: Tue, 10 Sep 2013 09:18 PM (IST)Updated: Wed, 11 Sep 2013 09:14 AM (IST)

चौतरफा दबाव झेल रही अखिलेश सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगा मामले में मंगलवार को सख्ती दिखाई। नतीजतन सहारनपुर और बागपत में पांच दंगाइयों के खिलाफ रासुका तामील किया गया है।

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लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। चौतरफा दबाव झेल रही अखिलेश सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगा मामले में मंगलवार को सख्ती दिखाई। नतीजतन सहारनपुर और बागपत में पांच दंगाइयों के खिलाफ रासुका तामील किया गया है। मंत्रिमंडल समूह की बैठक में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है। जो लोग गांव छोड़कर कहीं इकट्ठे हैं, उन्हें पर्याप्त सुविधा और सुरक्षा दी जाएगी।

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गृह सचिव कमल सक्सेना और आइजी एसटीएफ आशीष गुप्ता ने पत्रकारों से बातचीत में दावा किया है कि मुजफ्फरनगर और आस-पास के जिलों में स्थिति नियंत्रित में है। सहारनपुर के रामपुर में ठेला लगाकर फल बेच रहे एक व्यक्ति पर फायरिंग के अलावा कहीं से कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राज्यपाल की ओर से बवाल के संदर्भ में कोई चिट्ठी नहीं मिली है, लेकिन केंद्र को जो रिपोर्ट दी जा रही है, उसकी कॉपी राज्यपाल को भी भेजी जा रही है।

अन्य आरोपियों पर भी रासुका की प्रक्रिया। गृह सचिव ने बताया कि बागपत के बड़ौत थाना क्षेत्र के बाजितपुर में हुए हमले के तीन अभियुक्तों और सहारनपुर के थाना रणखंडी में हुई फायरिंग के सिलसिले में दो अभियुक्तों पर रासुका लगाया गया है। बागपत के रमाला थाना क्षेत्र में हुई घटना में चार लोगों पर रासुका की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मुजफ्फरनगर में भी कई लोगों पर भी रासुका लगाने की तैयारी चल रही है।

कवाल के मुकदमे से अब तक सात बरी। पुलिसिया पक्षपात से कवाल में बात बिगड़ने का मामला सामने आने पर सरकार ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए दोनों पक्षों से कुल सात लोगों को बरी कर दिया है। दोनों पक्षों से तीन हत्याओं के संदर्भ में कुल 15 लोग नामजद किए गए थे, जिनमें तीनों मृतक भी शामिल थे। शेष 12 अभियुक्तों में सोमवार को ही चार को विवेचना में बेगुनाह पाए जाने पर बरी किया गया था और तीन मंगलवार को बरी किए गए।

916 गिरफ्तार, सात हजार शांति भंग में पाबंद। हालात को काबू में करने के लिए शांति भंग करने वाले 916 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सात हजार से अधिक लोगों को पाबंद किया गया है। अब तक कुल 1820 लोगों के असलहों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।

आइबी ने फिर किया आगाह। सूत्रों के मुताबिक इंटेलीजेंस ब्यूरो ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बागपत की नाजुक स्थिति के लिए राज्य सरकार को आगाह किया है। इस सिलसिले में गृह सचिव और आइजी ने बताया कि इंटेलीजेंस ब्यूरो ने पहले ही सूचनाएं दी थीं और हमारे स्थानीय अभिसूचना तंत्र ने भी वही जानकारी दी थी। इस हिसाब से तैयारी की गई।

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