यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगस्ता हेलीकॉप्टर बेचना चाहती है राजस्थान सरकार, नहीं मिल रहा खरीददार
अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम के सामने आने के बाद राजस्थान सरकार की एक इच्छा पूरी होती नजर नहीं आ रही है। ...और पढ़ें

जयपुर। वीवीआइपी हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले में घुसेखोरी के आरोप में फंसे अगस्ता वेस्टलैंड को अब खरीददार नहीं मिला रहा। अगस्ता को खरीददार न मिलने से राजस्थान सरकार की एक इच्छा पूरी होती नजर नहीं आ रही है। दरअसल राजस्थान सरकार प्रदेश केे स्वामित्व वाली एक डबल इंजन हेलीकॉप्टर बेचना चाहती है। लेकिन हेलीकॉप्टर के अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम केे होने की वजह से इसे कोई खरीददार नहीं मिल रहा।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, राजस्थान सरकार की इच्छा है कि वो अपने इस पुराने डबल इंजन हेलीकॉप्टर को बेचकर एक नई और अगस्ता से भी ज्याद दक्ष तकनीक वाला हेलीकॉप्टर खरीदे। लेकिन दो बार नीलामी की तारीख रखने के बाद भी इस हेलीकॉप्टर को कोई खरीददार नहीं मिल रहा ।
ये भी पढ़ेंः अगस्ता से जुड़े लोगों को रिटायरमेंट के बाद मिले मलाईदार पदः पर्रिकर
राजस्थान सरकार के अधिकारियों ने इसके लिए कंपनी से भी बात की। उन्होंने अगस्ता को अपना हेलीकॉप्टर वापस लेने का प्रस्ताव दिया। प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने इसके लिए नवंबर 2015 से बात भी शुरू कर दी थी। उम्मीद की जा रही थी कि 2016 के शुरूआत में डील फाइनल हो जाएगी। लेकिन अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम के सामने आने और इटली कोर्ट के फैसलेे के बाद राजस्थान सरकार की ये इच्छा पूरी होती नजर नहीं आ रही।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विमानन एक्सपर्ट की टीम ने इस हेलीकॉप्टर की कीमत 12 करोड़ रुपये रखी है। उन्होंने बताया कि अगर कंपनी इसे वापस ले लेती है तो अगस्ता से ही दूसरी इससे भी अपग्रेडेड मॉडल ली जा सकती है।
ये भी पढ़ेंः रक्षा मंत्रालय में अगस्ता सौदे से जुड़े दस्तावेज जलाने की थी साजिश
बता देंं कि अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर राज्य सरकार के स्वामित्व वाली है। 2011 में इस हेलीकॉप्टर के रोटर का एक ब्लेड टूट जाने के बाद इसे राज्य सरकार की सेवा से बाहर कर दिया गया। जिसके बाद से राजस्थान सरकार को सिर्फ निजी ऑपरेटरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
