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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रक्षा मंत्रालय में अगस्ता सौदे से जुड़े दस्तावेज जलाने की थी साजिश

By Rajesh KumarEdited By:
Published: Fri, 06 May 2016 11:41 PM (IST)Updated: Sat, 07 May 2016 09:48 AM (IST)

अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में एक महत्वपूर्ण बात ये सामने आ रही है कि उससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट्स जलाने की साजिश की गई थी।

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नई दिल्ली, [नीलू रंजन]। अगस्ता घोटाले में अहम सुबूत मिटाने की भरपूर कोशिश की गई। ईडी में जब्त आरोपी के हार्ड डिस्क को नष्ट करने से लेकर वायु सेना मुख्यालय में रखे अगस्ता के दस्तावेजों को जलाने तक का प्रयास किया गया। हार्ड डिस्क से डाटा डिलीट करने के मामले की दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। रक्षा मंत्रालय में दस्तावेज जलाने की सीबीआइ जांच की जाएगी। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने लोकसभा में यह जानकारी दी।

दरअसल, ईडी ने जुलाई 2014 में मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद गौतम खेतान समेत कई आरोपियों के ठिकाने पर छापा मारा था। गौतम खेतान के घर से कंप्यूटर की हार्ड डिस्क भी बरामद की गई थी। इसमें दलाली के बंटवारे के विवरण होने की आशंका थी।

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हार्ड डिस्क के आंकड़े निकालने के लिए फोरेंसिक लेबोरेटरी भेजा जाना था। लेकिन उसके पहले किसी ने उससे अगस्ता से जुड़े दस्तावेज डिलीट करने का प्रयास किया था। लेकिन समय रहते ही वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी भनक लग गई और ईडी ने तत्काल अपने ही अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस में एफआइआर दर्ज करा दी। अब भी पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और ईडी के उस अधिकारी की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

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शुक्रवार को मनोहर पर्रिकर ने आशंका जताई कि तीन जुलाई, 2013 को वायु सेना मुख्यालय में लगी आग का उद्देश्य हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़े सुबूतों को मिटाना था। इस आग में कई अहम दस्तावेज नष्ट हो गए थे। लेकिन संयोग से संवेदनशील होने के कारण अधिकारियों ने अगस्ता से जुड़ी फाइलों को अलग रख लिया था। इस कारण वह बच गया। उन्होंने कहा कि आग लगने की इस घटना की जांच भी सीबीआइ से कराई जाएगी। यह पता लगाना जरूरी है कि किन लोगों ने अगस्ता से जुड़े दस्तावेजों को नष्ट करने की कोशिश की थी।