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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'एक ही बेड पर की गई थी आरुषि और हेमराज की हत्या'

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Published: Tue, 09 Apr 2013 09:38 PM (IST)Updated: Wed, 10 Apr 2013 10:05 AM (IST)

नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, गुजरात के निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह दहिया से ...और पढ़ें

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गाजियाबाद [जागरण संवाददाता]। नोएडा के बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में मंगलवार को इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस, गुजरात के निदेशक डॉ. महेंद्र सिंह दहिया से सीबीआइ कोर्ट में जिरह के दौरान कहा कि आरुषि व हेमराज की हत्या आरुषि के कमरे में एक ही बेड पर की गई थी। हत्या में दो तरह के औजार प्रयुक्त किए गए। मौत के बाद दोनों के गले काटे गए थे।

बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के आरोपी डॉ. राजेश तलवार और उनकी पत्नी नुपूर तलवार भी मंगलवार को जिरह के दौरान सीबीआइ के विशेषन्यायाधीश एस लाल के समक्ष पेश हुए। डॉ. दहिया ने कोर्ट में कहा कि हेमराज व आरुषि के सिर पर जो चोट थीं, वे गोल्फ स्टिक से गई थीं। वह नौ अक्टूबर, 2009 को सीबीआइ की टीम के साथ घटनास्थल पर गए थे। उस दिन घटनास्थल वाले मकान की पुताई हो गई थी और मैंने मकान की लोकेशन व स्थिति देखी थी।

जांच में पाया कि हत्या के बाद हेमराज का शव छत पर ले जाकर उसका गला काटा गया। जिस बेड के कवर में उसे छत पर ले जाया गया, उसे शव के नीचे से खींचकर निकाल लिया गया था। जांच में यह भी पाया कि जिसने हेमराज का गला काटा था, उसका पैर दरवाजे के सामने पड़े पाइप में उलझ गया इसलिए उसका खून से सना पंजा दरवाजे के बगल में दीवार से लग गया। सर्जिकल ब्लेड से दोनों के गले काटे गए। दोनों के गले एक कान के नीचे से दूसरे कान के नीचे तक कटे थे। यदि दोनों जीवित होते तो खून गले से नीचे की तरफ बहता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसलिए पता चलता है कि उनके गले लेटने की अवस्था में काटे गए थे। आरुषि के सिर में प्रेशर से चोट पहुंचाई गई। इसलिए खून के छींटे दीवार पर आए थे।

दहिया ने यह भी कहा कि वह अपनी रिपोर्ट से शत प्रतिशत सहमत हैं। अपराध का कारण यह था कि दोनों आरुषि के बेडरूम में आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए थे। दोनों पर हमला भी वहीं हुआ था। मैं यह नहीं बता सकता कि सबसे पहले किस पर हमला हुआ। मेरी राय में मानवीय प्रकृति के अनुसार ऐसी स्थिति में बाहर के व्यक्ति पर पहले हमला किया जाएगा। दोनों के गले उस समय काटे गए, जब वे मर गए थे या उनकी नब्ज बंद [फीबल] हो गई। सभी तथ्यों व परिस्थितियों को देखते हुए मैंने पाया कि इस हत्याकांड में किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ नहीं है।

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