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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोशल साइट्स को IS ने बनाया हथियार, भारतीय युवकों पर नजर

By Lalit RaiEdited By:
Published: Tue, 31 May 2016 08:24 AM (IST)Updated: Tue, 31 May 2016 10:47 AM (IST)

आइएस के नापाक मंसूबों का असर भारतीय युवकों पर भी है। ये युवक सोशल साइट्स के जरिए इराक और सीरिया जाने के रास्ते तलाश रहे हैं।

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नई दिल्ली। भारत के मुस्लिम युवाओं और ISIS के बीच संपर्क के बारे में सनसनीखेज जानकारी सामने आयी है। जांच एजेंसियों ने रीयल टाइम में 500 से ज्यादा भारतीय मुस्लिम युवकों को सोशल साइट्स के जरिए आइएस से जुड़े लोगों के साथ सपंर्क रखने की पहचान की है। ये युवक खलीफा की स्थापना के लिए आइएस के साथ जुड़ना चाहते हैं।

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जांच एजेेंसियों का कहना है कि कश्मीर, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, यूपी से लेकर पश्चिम बंगाल तक के मुस्लिम युवक नापाक अभियान में शामिल हैं। ये लोग ट्रिलियन काको, निम्बूज, वीबर हाइक, टॉकरे और ग्रुप मी के जरिए एक दूसरे के संपर्क में रहते हैं। युवक वेब के जरिए एक दूसरे से संपर्क रखते हैं। ताकि वो इराक और सीरिया पहुंच कर खलीफा की स्थापना की लड़ाई में शामिल हो सकें।

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक सरकार का मानना है कि भारतीय मुसलमानों पर आइएस का प्रभाव कम है।कुछ मुस्लिम युवक आइएस द्वारा शरिया आधारित खलीफा राज्य की अवधारणा से प्रभावित हैं। इसके अलावा वो दुनियाभर में आइएस की कामयाबियों का भी जिक्र करते हैं।

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500 मुस्लिम युवकों के आइएस के विचारों से प्रभावित होने की जानकारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप है। हाल ही में ज्यादातर लोगों को पकड़ कर पूछताछ की गयी। लेकिन साक्ष्यों के अभाव में उन युवकों को छोड़ दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि ये युवक पहले जैश-ए-मोहम्मद, इंडियन मुजाहिद्दीन और दूसरे संगठनों से प्रभावित थे। लेकिन अब ये आइएस की विचारधारा से प्रभावित हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि इन मुस्लिम युवकों को ये भरोसा है कि एक न एक दिन पूरी दुनिया में खलीफा का राज्य स्थापित होगा जिसके लिए आइएसआइएस जंग कर रहा है।

जांच एजेंसियों का मानना है कि गुमराह युवकों को यकीन है कि पश्चिमी देशों की दमनकारी नीतियों का विरोध आइएस ही कर सकता है। लिहाजा उन्हें इस लड़ाई में आइएस का साथ देना चाहिए। हालांकि भारतीय फौज, जांच एजेंसियों के खिलाफ इन युवकों में उस तरह का गुस्सा नहीं है।

हाल ही में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मुंबई से मुद्दबिर शेख की अगुवाई में 18 लोगों को पकड़ा जो आइएस के साथ जुड़ने के लिए इराक और सीरिया जा रहे थे। जून के पहले हफ्ते में इन लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर की जाने की संभावना है। जांच एजेंसियों ने अब तक 49 ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की है जो लोन बुल्फ अटैक या इराक और सीरिया जाने की फिराक में थे।

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