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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

DU Admission: लगी रहती है छात्रों की कतार, लेकिन खाली रह जाते हैं हॉस्टल

By Amit MishraEdited By: Amit Mishra
Published: Mon, 06 Jun 2016 08:10 PM (IST)Updated: Mon, 06 Jun 2016 08:23 PM (IST)

हॉस्टल न होने से बड़ी संख्या मेंं छात्र परेशानी सहने को मजबूर हैंं लेकिन डीयू से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां हॉस्टलोंं मेंं सीटे खाली रह जाती हैंं

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नई दिल्ली [अभिनव उपाध्याय]। दिल्ली विश्वविद्यालय मेंं प्रति वर्ष हजारोंं छात्र आवास की समस्या से जूझते हैं। यही नहींं डीयू मेंं दाखिला की समस्या से बड़ी समस्या यहां आवास की है, क्योंंकि कई छात्र अच्छी मेरिट से डीयू मेंं दाखिला तो पा जाते है लेकिन पैसा न होने के कारण रहने की समस्या से जूझते रहते हैंं। इस बीच 2015-16 के सत्र की हॉस्टल से जुड़ी दिलचस्प जानकारी सामने आई है। जिसके तहत डीयू और संबंधित कॉलेजोंं के हॉस्टल मेंं सैकडोंं सीटेंं खाली रह जाती हैंं।

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दिल्ली विश्वविद्यालय के विद्वत परिषद के सदस्य डॉ. हंसराज सुमन का कहना है कि हॉस्टल न होने से बड़ी संख्या मेंं छात्र परेशानी सहने को मजबूर हैंं लेकिन डीयू से प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां हॉस्टलोंं मेंं सीटे खाली रह जाती हैंं लेकिन इसकी जानकारी छात्रोंं को नहींं दी जाती है अन्यथा कई छात्र इसका उपयोग कर सकते हैंं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली विश्वविद्यालय और संबंधित कॉलेजोंं के पास हॉस्टलोंं मेंं कुल सीटो की संख्या 3580 है लेकिन मात्र 2885 सीटेंं ही छात्रोंं को अलॉट की गई हैंं। बाकी 695 सीटेंं खाली रह गई हैंं।

इसमेंं सामान्य वर्ग के छात्रोंं को 2238, एससी वर्ग मेंं 311 और एसटी वर्ग मे 331 और दिव्यांग वर्ग के लिए 113 सीट आवंटित की गई।

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हालांकि डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि हो सकता है कुछ हॉस्टल सफाई आदि के लिए बंद हो और उनकी सीटोंं को गिन लिया गया हो। यही नहींं कुछ हॉस्टल अपनी सीटेंं हर साल बढ़ाते है। जिससे भी सीटोंं की संख्या मेंं बढ़ोतरी गिनी गई हो अन्यथा इतनी सीटे खाली रहने की संभावना कम है।

हॉस्टल मे 15 फीसद सीट एससी वर्ग के लिए आरक्षित हैंं जबकि एसटी वर्ग के लिए 7.5 फीसद सीटेंं आरक्षित हैंं। ओबीसी वर्ग के लिए हॉस्टल की सीटोंं में कोई आरक्षण नहींं है। इसके अलावा दिव्यांग वर्ग के लिए भी 3 फीसद सीटेंं आरक्षित हैंं।

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छात्रोंं के लिए आवास के अधिकार की लड़ाई लड़ रहे प्रवीण कुमार का कहना है कि छात्रों के लिए आवास न तो दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है और न ही विश्वविद्यालय की। आज हजारोंं की संख्या में छात्रो से मकान मालिक मनमाना किराया वसूलते है और छात्र केवल डीयू मेंं पढ़ने के लिए उसे देने को मजबूर हैंं।

डीयू के किन कॉलेजो मेंं है हॉस्टल की सुविधा

-दौलतराम कॉलेज कॉलेज फार वुमन

-हंसराज कॉलेज

-इंद्रप्रस्थ कॉलेज फार वुमन

-किरोड़ीमल कॉलेज

-मिरांडा हाउस

-रामजस कॉलेज

-लेडी श्रीराम कॉलेज फार वुमन

-श्री वेंंकटेश्वर कॉलेज

-इंटरनेशनल स्टूडेंंट्स हॉस्टल फार वुमन

-एसजीटीबी खालसा कॉलेज

-इंटरनेशनल स्टूडेंट्स हाउस

-केशव महाविद्यालय

-शहीद राजगुरु कॉलेज फार अप्लाइड साइंसेज फार वुमन

-अंडर ग्रेजुएट हॉस्टल फॉर ग‌र्ल्स