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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रिलायंस देगी 1.2 अरब डॉलर की बैंक गारंटी

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Published: Mon, 30 Dec 2013 10:20 AM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसकी साझेदार ब्रिटिश पेट्रोलियम व निको रिसोर्सेज अगले तीन साल में 1.2 अरब डॉलर की बैंक गारंटी ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसकी साझेदार ब्रिटिश पेट्रोलियम व निको रिसोर्सेज अगले तीन साल में 1.2 अरब डॉलर की बैंक गारंटी सरकार को दे सकती है। इसकी बदौलत कंपनी को केजी-डी 6 ब्लॉक से उत्पादित गैस की दोगुनी कीमत मिल सकेगी।

अगले साल अप्रैल से प्राकृतिक गैस की ज्यादा कीमत पाने के लिए सरकार ने कंपनी को बैंक गारंटी देने की शर्त रखी है। सरकार ने अप्रैल 2014 से प्राकृतिक गैस के दाम मौजूदा 4.2 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से बढ़ाकर करीब 8.2 डॉलर करने को मंजूरी दे दी है। मगर रिलायंस को यह कीमत नहीं देने का विरोध हो रहा था। इसके पीछे आरोप यह लगाया जा रहा था कि कंपनी ने जानबूझ कर डी6 ब्लॉक से गैस के उत्पादन में कमी की है। उसका इरादा गैस का भंडारण करने का है और कीमत बढ़ाए जाने के बाद इसका उत्पादन करने का है। जबकि कंपनी का कहना है कि कुओं में पानी और रेत भर जाने से गैस उत्पादन घटा है। इस मामले की जांच चल रही है।

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सरकार भी अब रिलायंस को नई कीमत देने को तैयार हो गई मगर यह शर्त रखी है कि उसे इसके लिए बैंक गारंटी देनी होगी। अगर गैस भंडारण का आरोप साबित हो जाता है तो बैंक गारंटी में से जुर्माने की रकम काट ली जाएगी। रंगराजन फॉमूले के आधार पर कुल उत्पादित गैस की मौजूदा और नई कीमत के बीच का अंतर बैंक गारंटी के रूप में देना होगा। यह प्रति टिलियन क्यूबिक फुट (टीसीएफ) पर लगेगा। इस हिसाब से एक टीसीएफ पर गारंटी चार अरब डॉलर बनती है।

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संशोधित आंकड़ों के मुताबिक, डी6 ब्लॉक के डी 1 और डी 3 फील्ड के बाकी बचे भंडार में से अब 0.75 टीसीएफ गैस ही उत्पादित की जा सकती है। यहां से फिलहाल 80 लाख घनमीटर गैस रोजाना उत्पादित हो रहा है। इस लिहाज से अगले तीन साल में 0.3 टीसीएफ गैस उत्पादित होगी। इस पर बैंक गारंटी कुल 1.2 अरब डॉलर बनती है।