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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश के 18 सबसे बड़े टैक्स डिफॉल्टर्स में 11 गुजरात के

By Shashi Bhushan KumarEdited By:
Published: Tue, 31 Mar 2015 12:48 PM (IST)Updated: Tue, 31 Mar 2015 03:18 PM (IST)

आज वित्त वर्ष 2014-15 की समाप्ति के दिन आयकर विभाग ने ऐसे 18 सबसे बडे टैक्स डिफाल्टर के नाम प्रकाशित ...और पढ़ें

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नयी दिल्ली। मंगलवार को वित्त वर्ष 2014-15 की समाप्ति के दिन आयकर विभाग ने ऐसे 18 सबसे बडे टैक्स डिफाल्टर के नाम प्रकाशित किये हैं जिन पर पिछले साल का आयकर विभाग का 500 करोड रुपये से अधिक कर बकाया है। इनमें से 11 नाम गुजरात से हैं।

टैक्स डिफाल्टर्स की लिस्ट में शामिल कंपनियों में सोमानी सीमेंट पर 27.47 करोड रुपये, ब्लू इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर 75.11 करोड रुपये, एप्पलटेक सॉल्यूशंस पर 27.07 करोड रुपये, ज्यूपिटर बिजनेस पर 21.31 करोड रुपये और हीरक बायोटेक पर 18.54 करोड रुपये का कर बकाया है।

अन्य गुजरात स्थित कंपनियों में आइकॉन बायो फार्मा पर 17.69 करोड रुपये, बनयान एंड बेरी एलॉय पर 17.48 करोड रुपये, लक्ष्मीनारायण टी. ठक्कर पर 12.49 करोड रुपये, विराज डाइंग एंड प्रिंटिंग पर 18.57 करोड रुपये, पूनम इंडस्टरीज पर 15.84 करोड रुपये, कुंवर अजय फूड पर 15 करोड रुपये की कर देनदारी है। इनके अलावा, जयपुर स्थित गोल्डसुख ट्रेड इंडिया पर 75.47 करोड रुपये, कोलकाता स्थित विक्टर क्रेडिट एंड कंस्ट्रक्शन पर 13.81 करोड रुपये, मुंबई स्थित नोबल मर्चेंडाइज पर 11.93 करोड रुपये कर बकाया है।

आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इन नामों को सार्वजनिक करने का उद्देश्य यह है कि आम आदमी ऐसे लोगों की जानकारी देने में विभाग की मदद कर सके। यह कदम ऐसे लोगों के बारे में जागरुकता बढाने के लिए उठाया गया है जो कानून के खिलाफ काम कर रहे हैं। इससे पहले, इन नामों को विभाग की वेबसाइट पर डाला गया था।'

समाचार पत्रों में आज राष्ट्रीय राजधानी स्थित मुख्य आयकर आयुक्त (प्रशासन) के हवाले से कर डिफाल्टर के नाम और अन्य विवरण प्रकाशित किये गये हैं। ऐसा पहली बार है कि आयकर विभाग ने टैक्स डिफाल्टरों के नाम इस तरह सार्वजनिक किये हैं। इन टैक्स डिफाल्टरों में में गोल्डसुख ट्रेड और सोमानी सीमेंट्स के भी नाम शामिल हैं।

आयकर विभाग के मुताबिक, इन इकाइयों ने जानबूझकर टैक्स नहीं चुकाया है। इन इकाइयों को उनके बकाया कर का भुगतान करने के लिए बाध्य करने की एक कोशिश के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कुछ दिनों पहले आयकर विभाग को इन नामों को उसकी वेबसाइट पर डालने को कहा था जिसमें से 11 गुजरात स्थित हैं। नोटिस में कहा गया है, 'डिफाल्टर्स को उनके बकाया करों का तत्काल भुगतान करने की सलाह दी जाती है। '

एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने कहा, 'यह पहली बार है जब विभाग ने ऐसे जानबूझकर कर की अदायगी नहीं करने वालों के नाम सार्वजनिक किये हैं जिन पर 10 करोड रुपये या इससे अधिक की कर देनदारी है। कई मामलों में निर्धारिती लापता हैं।' 'विभाग ने सार्वजनिक नोटिस में पैन नंबर और इन चूककर्ताओं के अंतिम ज्ञात पते उपलब्ध कराये हैं।'

अधिकारी ने कहा कि विभाग जानबूझ कर चूक करने वालों के नाम सार्वजनिक करने का समय-समय पर प्रस्ताव करता रहा है और चालू वित्त वर्ष के अंतिम दिन यह कदम उठाया गया है।

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