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    जीएसटी की दर 27 फीसद से रहेगी कम

    अप्रत्यक्ष कर ढांचे में सिंगल टैक्स सिस्टम लागू करने वाले जीएसटी में कर की अधिकतम दर 27 फीसद से काफी कम रहेगी। हालांकि इस दर का निर्धारण जीएसटी काउंसिल करेगी। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि केंद्र सरकार के पास उपलब्ध अनुमानों के अनुसार राज्यों को राजस्व

    By Sudhir JhaEdited By: Updated: Wed, 06 May 2015 07:12 PM (IST)

    नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। अप्रत्यक्ष कर ढांचे में सिंगल टैक्स सिस्टम लागू करने वाले जीएसटी में कर की अधिकतम दर 27 फीसद से काफी कम रहेगी। हालांकि इस दर का निर्धारण जीएसटी काउंसिल करेगी। लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि केंद्र सरकार के पास उपलब्ध अनुमानों के अनुसार राज्यों को राजस्व का नुकसान न हो इसके लिए दर 27 फीसद रखना जरूरी नहीं होगा। यह और नीचे रह सकती है।

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    गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उन्हें लगता है कि 27 फीसद टैक्स की दर बहुत ऊंची है। जीएसटी लागू होने पर राज्यों को राजस्व का नुकसान न हो इसके लिए उचित दर इससे काफी नीचे रहेगी। जेटली ने स्पष्ट किया कि इस दर का सुझाव केंद्र सरकार की तरफ से नहीं आया। 13वें वित्त आयोग ने 18 फीसद की दर का सुझाव दिया था। टैक्स दर 27 फीसद का अनुमान आने के बाद ही राज्यों और केंद्र ने अल्कोहल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है।

    जेटली ने कहा कि केंद्र ने पेट्रोलियम को भी इसके दायरे से बाहर रखने का फैसला किया था। कोई वित्त मंत्री नहीं चाहता कि वह अपने राज्य की जनता पर कर की ऊंची दर का बोझ डाले। इसलिए राज्यों को कर की दर को नीचे रखना ही होगा। हालांकि जिस दर पर राज्यों को राजस्व का नुकसान न हो, उसके निर्धारण का अंतिम फैसला जीएसटी काउंसिल को ही करना है।

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