कंपनियों ने एसईजेड के नाम पर हड़पी हजारों एकड़ जमीन
विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों ने देशभर में हजारों एकड़ जमीन हड़पी है। कंपनियों ने यह जमीन एसईजेड लगाने के नाम पर ली थी, लेकिन उन्होंने इसका इस्तेमाल दूसरे कार्यो में करके या बेचकर अरबों रुपये बनाए। इस बात का खुलासा कैग ने संसद में पेश
नई दिल्ली (जागरण ब्यूरो)। विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों ने देशभर में हजारों एकड़ जमीन हड़पी है। कंपनियों ने यह जमीन एसईजेड लगाने के नाम पर ली थी, लेकिन उन्होंने इसका इस्तेमाल दूसरे कार्यो में करके या बेचकर अरबों रुपये बनाए। इस बात का खुलासा कैग ने संसद में पेश अपनी एक ताजा रिपोर्ट में किया।
कैग का कहना है कि कंपनियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण जमीन था। एसईजेड के लिए 45,635.63 हेक्टेयर जमीन की अधिसूचना जारी हुई, लेकिन काम सिर्फ 28,488.49 हेक्टेयर पर शुरू हुआ है। इस तरह सिर्फ 62.42 प्रतिशत जमीन पर ही परिचालन शुरू हुआ है। कंपनियों ने एसईजेड के नाम पर सरकार से बड़ी तादाद में जमीन आवंटित करने की मांग की। जबकि इसमें से बहुत कम जमीन का इस्तेमाल ही एसईजेड के लिए किया गया। एसईजेड बनाने की अधिसूचना को वापस लिया गया ताकि उस जमीन की जो कीमतबढ़ने पर उसका फायदा उठाया जा सके। छह राज्यों में 39,245.56 हेक्टेयर भूमि अधिसूचित हुई जिसमें से 5,402.22 हेक्टेयर भूमि की अधिसूचना रद कर उसका इस्तेमाल अन्य व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किया गया।
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