Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    एक जनवरी से बैंक सेवाएं होंगी महंगी, अतिरिक्त सेवाकर की पड़ेगी मार

    By Sachin MishraEdited By:
    Updated: Sat, 26 Dec 2015 08:49 AM (IST)

    एक जनवरी से बैंकों की सेवाएं महंगी हो जाएंगी। सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की अधिकांश बैंकों ने सेवा दरों में इजाफा कर दिया है। दरों में इजाफा करने वालों में देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआइ सबसे आगे है। यानी ग्राहक अब महंगी बैंक सेवाओं के साथ ही सेवाकर की

    कानपुर। एक जनवरी से बैंकों की सेवाएं महंगी हो जाएंगी। सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की अधिकांश बैंकों ने सेवा दरों में इजाफा कर दिया है। दरों में इजाफा करने वालों में देश का सबसे बड़ा बैंक एसबीआइ सबसे आगे है। यानी ग्राहक अब महंगी बैंक सेवाओं के साथ ही सेवाकर की भी अतिरिक्त मार झेलने के लिए तैयार रहें। स्टेट बैंक नवंबर 2014 में पहले भी दरों में इजाफा कर चुका है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    बैंक लॉकर सुविधा, एटीएम लेनदेन, सभी तरह के ऋणों की प्रोसेसिंग का शुल्क लेते हैं। भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधन बढ़ी दरों की सूची बैंक शाखाओं में भेज भी चुके हैं। अन्य बैंकों में भी सेवाओं में महंगाई का करंट जनवरी आखिर तक लगना तय है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक आनलाइन बैंकिंग में तेजी आई है। ऐसे में मैनुअल काम कम हो गए हैं। दरों में इजाफे के बाद भी बैंक ग्राहकों को बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।

    नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक इंप्लाइज उप्र के सहायक महामंत्री राजेंद्र अवस्थी कहते हैं कि बैंक प्रबंधन शाखाओं के खर्चों के एवज में सेवाओं पर मामूली चार्ज लेते हैं। शहरी क्षेत्र में 15 से 35 फीसद, अर्द्धशहरी व ग्रामीणांचल में 5 से 19 फीसद तक दरों में इजाफा किया गया है।

    प्रस्तावित दरें

    लॉकर : पहले 756-979, अब 800-1100 रुपये
    एटीएम (रुपये न निकलने पर) पहले 17, अब 22.90 रुपये प्रति लेनदेन
    डेबिट कार्ड : पहले 100, अब 114.50 रुपये
    प्लेटिनम कार्ड : पहले 306, अब 343.50 रुपये
    गृह ऋण : कम से कम 2000 व अधिकतम 10,000 रुपये सेवाकर अतिरिक्त
    कार ऋण : कम से कम 950 रुपये व अधिकतम 9100, सेवाकर अतिरिक्त
    (यह दरें एसबीआई की हैं, अन्य बैंकों की दरों में मामूली अंतर संभव)

    पढ़ेंः हर लोगों को बैंक सुविधा का मिले लाभ : रामउजागर