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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वैश्विक साख के लिए वित्तीय अनुशासन जरूरी : अरुण जेटली

By Lalit RaiEdited By:
Published: Mon, 11 Apr 2016 01:09 PM (IST)Updated: Mon, 11 Apr 2016 01:24 PM (IST)

राज्य के वित्त सचिवों के सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा कि फंड के बंटवारे में केंद्र सरकार किसी तरह ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। राज्य के वित्त सचिवों के सम्मेलन में वित्त मंत्री ने कहा कि फंड के बंटवारे में केंद्र सरकार किसी तरह का भेदभाव नहीं कर रही है। वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर जिस राज्य को जितना धन आवंटित किया गया है उसके हिसाब से राज्यों को फंड मुहैया कराया जा रहा है। सिर्फ राजनीति की वजह से केंद्र सरकार को दोषी बताना उचित नहीं है।

राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयास से ही हम देश को विकास के रास्ते पर तेजी से ले जा सकते हैं। वित्तीय अनुशासन के लिए राज्यों को आगे आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को अपने संसाधनों को तलाशने की जरूरत है। केंद्र अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट रहा है लेकिन राज्य सरकारें उन संभावनों की तलाश करें जिससे उनकी केंद्र पर निर्भरता कम हो सके।

वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अपनी साख बनाए रखने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को वित्तीय अनुशासन का पालन करना ही होगा।

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