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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्वामीजी मानव कल्याण के प्रतिबिंब

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Published: Mon, 18 Feb 2013 10:10 PM (IST)Updated: Mon, 18 Feb 2013 10:11 PM (IST)

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भंडारीदह : बीआरएल डीएवी भंडारीदह के प्राचार्य एसएस हाजरा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन मानव कल्याण का प्रतिबिंब है। उनके व्यक्तित्व से जितनी प्रेरणा ली जाए कम है। वे स्वामी विवेकानंद की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को बीआरएल डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारीदह के प्रांगण में आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।

कहा कि स्वामी रामकृष्ण परमहंस जैसे गुरु से विवेकानंद ने ज्ञान का अमृत प्राप्त किया, उसी अमृत का रसमय संदेश सुनाने को वे यूरोप एवं अमेरिका गए। वहां से लौटकर वही संदेश भारतवासियों को सुनाया।

यहां बच्चों ने क्रीड़ा शिक्षक शैलेंद्र प्रताप व शशिभूषण मिश्रा के निर्देशन में पंक्तिबद्ध होकर सूर्य नमस्कार किया साथ ही स्वामी विवेकानंद के पदचिह्नों पर चलने की शपथ ली। बच्चों को शिक्षकों ने बताया कि सूर्य नमस्कार से पूरे शरीर का व्यायाम होता है। सूर्य नमस्कार की अगर सभी विधियों को पूर्णत: की जाए तो शरीर व मस्तिष्क स्वस्थ रहता है। इससे बच्चों की बुद्धि भी तेज होती है।

मौके पर शिक्षक एसके भंट्टाचार्य, एसके झा, बीके झा, एमसी श्रीवास्तव, राजेश तिवारी, एएन सिंह, अनिता शर्मा एवं सुपरवाइजरी हेड आईवीएन वर्मा उपस्थित थे।

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