यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मूडी लोगों की यही है परेशानी
जिंदगी में तनाव होना है सामान्य बात और मूडी होना परिचायक है नकारात्मक सोच का। इससे कैसे पाएं पार, टिप्स ...और पढ़ें

जिंदगी में तनाव होना है सामान्य बात और मूडी होना परिचायक है नकारात्मक सोच का। इससे कैसे पाएं पार, टिप्स कानपुर की पर्सनॉलिटी, रिलेशनशिप एंड सॉफ्ट स्किल ट्रेनर डॉ. रूबी चावला के...
टेंशन का क्या काम

लोग अलग-अलग तरीकों से तनाव का सामना करते हैं। पति से झगड़ा, बच्चों की शैतानियां, आर्थिक तंगी, सहकर्मी के साथ प्रॉब्लम, परिवार के सदस्य या किसी और के साथ रिश्तों को लेकर परेशानी। कभी-कभी यह सभी परेशानियां एक साथ होती हैं और आपका मूड इनमें से किसी एक बात को लेकर थोड़ी-थोड़ी देर में बदलता है। इसका पहला नियम यह है कि आप इनको लेकर तनाव न पालें, बल्कि गंभीरता के साथ समाधान ढूंढें। क्योंकि इस स्वभाव का होना अवसाद का प्रारंभिक लक्षण है।
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खुले दिल की बनिए
मूड तब खराब होता है, जब कोई काम आपके मन का नहीं होता या आप उससे सहमत नहीं होती हैं। इसके लिए जरूरी है कि आप स्वभाव में परिवर्तन करिए और खुले दिल की बनिए। अगर किसी भी तरह की परेशानी है तो पति, फ्रेंड या जिसे आप अपना करीबी मानती हैं, उससे शेयर करिए। मन में किसी बात की उधेड़बुन करना स्वभाव में नकारात्मकता के भाव लाता है।
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तुलना करना छोडि़ए
मन में संतुष्टि का भाव आपको हमेशा ऊर्जावान बनाता है और सोच हमेशा सकारात्मक रहती है। इसलिए कभी भी मन में तुलना का भाव मत लाइए। आप जो चाहती हैं, उसके लिए प्रयास करें, न कि यह सोचें कि मेरे साथ ऐसा क्यों नहीं हो रहा है। इससे आपकी सोच नकारात्मक होगी और आप तनाव को दावत देंगी। सबसे पहले खुश रहने का गुण विकसित कीजिए और फिर खुशियां कैसे आएं, इसके लिए प्रयास कीजिए।
व्यस्त रहें मस्त रहें

अगर आपका मूड किसी बात में खराब होता है तो इसके लिए किसी पर गुस्सा उतारना या उसी के बारे में सोचना अपना ही नुकसान करना होता है। किसी विषय को लेकर नकारात्मक विचार तब अधिक आते हैं, जब आप फ्री होती हैं, इसलिए खुद को अधिक से अधिक व्यस्त रखें। मन को अपने लक्ष्य पर केंद्रित करें, इससे आपका मन प्रसन्न रहेगा और मूड खराब होने से बचेगा।
