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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 13, 2011 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हटाई जाए धारा 498-ए

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Published: Wed, 13 Apr 2011 06:04 PM (IST)Updated: Thu, 17 Nov 2011 04:54 PM (IST)

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यमुनानगर, जागरण संवाद केंद्र :

दहेज प्रताड़ना से संबंधित धारा 498-ए को हटाया जाए, क्योंकि इस धारा का गलत प्रयोग किया जा रहा है। इसके दबाव के चलते कई बेकसूर लोग अपना मान सम्मान गवां चुके हैं। यह धारा पुरुष वर्ग के लिए कलंक के समान साबित हो रही है। इस धारा को हटाया जाए, या इसमें संशोधन किया जाए। यह मांग युवा शक्ति दल ने केंद्रीय कानून मंत्री एम वीरप्पा मोइली को मांग पत्र भेज कर की है। युवा शक्ति दल एक सामाजिक संस्था है। दल के संस्थापक व अध्यक्ष विक्रम चौहान ने केंद्रीय मंत्री को भेजे मांगपत्र में बताया कि धारा 498-ए को लड़कियों से दहेज मांगने की रोकथाम के लिए बनाया गया था। इसके डर से बहुत सी लड़कियों की जिंदगी भी बच गई थी, किंतु आज यही कानून पुरुष वर्ग के लिए बहुत बड़ी समस्या बन गया है। आज के समय में बहुत सी लड़कियां इस धारा का गलत प्रयोग कर लड़कों वालों पर बेवजह दबाव बना रहीं हैं। उन्होंने मांग की है कि इस धारा को हटाया जाए या इसमें संशोधन किया जाए। प्रताड़ना के चलते बेवजह लड़के वालों को रिमांड व जेल झेलनी पड़ती है। इस कारण उनका मान सम्मान समाज से चला जाता है। उन्होंने बताया कि दहेज मांगना गलत है। इस कानून के हिसाब से लड़की पक्ष पर भी कानून कार्यवाही की जाए। धारा लगाते समय पुलिस द्वारा पूरी तफ्तीश करने व लड़के पक्ष को भी अपनी बात रखने के बाद कार्रवाई की जानी चाहिए। आज के युग में युवा वर्ग शादी के नाम से डरने लगा है। इस धारा में संशोधन किया जाए, ताकि लोगों की जिंदगी को बर्बाद होने से बचाया जा सके।

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