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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जाट आंदोलन: अफसरों व जाट नेताओं की वार्ता शुरू, पहले हुई गुप्‍त बातचीत

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Sat, 11 Feb 2017 12:31 PM (IST)Updated: Sat, 11 Feb 2017 03:07 PM (IST)

हरियाणा सरकार के अधिकारियों की टीम और जाट नेता वार्ता के लिए पानीपत की रिफायनरी में पहुंच गए हैं। वार्ता ...और पढ़ें

जाट आंदोलन: अफसरों व जाट नेताओं की वार्ता शुरू, पहले हुई गुप्‍त बातचीत
जाट आंदोलन: अफसरों व जाट नेताओं की वार्ता शुरू, पहले हुई गुप्‍त बातचीत

जेएनएन, पानीपत। हरियाणा सरकार और आंदोलनकारी जाट नेताओं के बीच पानीपत में वार्ता शुरू हो गई है। यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन यह दोपहर बद करीब ढाई बजे शुरू हुई। रिफाइनरी परिसर में हो रही बातचीत में मुख्य सचिव डीएस ढेसी के नेतृत्व वाली पांच अफसरों की कमेटी और यशपाल मलिक के नेतृत्व में जाट नेता शामिल हो रहे हैं। विभिन्न धरनों से जाट आंदोलनकारियों के पांच-पांच प्रतिनिधि भी मौजूद हैं। बताया जाता है कि आधिकारिक वार्ता से पहले अफसरों की कमेटी और जाट नेताओं के बीच गुप्त बातचीत हुई है। इसमें वार्ता के बिंदुओं पर सहमति बनाई गई। दूसरी ओर, रिफायनरी में सरकारी कमेटी के साथ वार्ता शुरू होनेे से पहले जाट नेताओं ने आपस में बैठक की।

आज पानीपत में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक की अगुवाई में जाट आंदोलनकारियों और मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय कमेटी के बीच वार्ता हो रही है। कमेटी में गृह सचिव रामनिवास और एडीजीपी मोहम्मद अकील भी शामिल हैं।

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वार्ता के मद़्देनजर रिफाइनरी के आसपास भारी पुलिस बल तैनात है। माना जा रहा है कि रिफाइनरी में अधिकारिक वार्ता शुरू होने से पहले अधिकारियों की कमेटी और जाट नेताओं ने कहीं गुप्त बातचीत कर आपसी सहमति बनाने का प्रयास किया।

जाट नेताओं और अफसरों की कमेटी के बीच वार्ता के मद्देनजर पानीपत रिफायनरी के बाहर तैनात पुलिस।

बताया जाता है कि जाट समुदाय के लोग सात सूत्रीय एजेंडे पर बातचीत करने को राजी हुए। इनमें जेलों में बंद पिछले आंदोलनकारियों को रिहा करने और दर्ज मुकदमे वापस लेने के साथ ही मारे गए 31 लोगों के परिजनों को पक्की नौकरी देने की मांग प्रमुख हैं।

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हाईकोर्ट में जाट आरक्षण पर लगी रोक हटवाने के लिए मजबूत पैरवी करने का भरोसा सरकार पहले ही दे चुकी है। इसके साथ ही आरक्षण पर लगी रोक हटने के बाद हरियाणा सरकार जाट आरक्षण को नौवीं अनुसूची में डालने के लिए केंद्र सरकार को चिट्ठी लिखने की बात कह चुकी है।

खुले दिल से वार्ता में अाए हैं : यशपाल मलिक

वार्ता शुरू हाेने से पहले यशपल मलिक ने कहा, हम वार्ता के लिए खुले दिल से आए हैं। अब निर्णय सरकार को करना है। हमारी सात मांगें हैं। सरकार से वार्ता इन सात मांगों पर ही होगी।हम हरियाणा और केंद्र दोनों में आरक्षण लेकर रहेंगे।

पानीपत रिफायनरी के बाहर तैनात अर्द्ध सैनिक बल के जवान।

वार्ता पर विपक्ष ने शुरू की राजनीति

दूसरी आेर, हरियाणा के विपक्षी दलों के नेताओं ने जाट आंदाेलन और जाट नेताओं से वार्ता पर राजनीति शुरू कर दी है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक तंवर ने कहा कि इस बातचीत के दौरान विपक्ष के नेताओं को भी शामिल किया जाना चाहिए था। इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नजर नहीं आ रही है। सरकार को जाट समुदाय से पूर्व में किए गए वादे पूरे करने चाहिए।

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