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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरियाणा के कृषि मंत्री धनखड़ बता रहे कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Mon, 15 May 2017 01:31 PM (IST)Updated: Mon, 15 May 2017 07:36 PM (IST)

हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने ट्विटर पर बाहुबली फिल्म के बारे में टिप्पणी की। इसमें उन्होंने लिखा कि ...और पढ़ें

हरियाणा के कृषि मंत्री धनखड़ बता रहे कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा
हरियाणा के कृषि मंत्री धनखड़ बता रहे कट्टपा ने बाहुबली को क्यों मारा

जेएनएन, चंडीगढ़। एक हजार करोड़ से ऊपर का बिजनेस कर चुकी बाहुबली-2 फिल्म देखने के बाद हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कुछ अलग ही राय जाहिर की। उन्होंने अपनी इस राय को ट्विटर हेंडिल पर भी शेयर किया। तीन घंटे से ऊपर की फिल्म देखने के बाद धनखड़ इस नतीजे पर पहुंचे कि कट्टपा ने बाहुबली को नहीं मारा था, बल्कि झूठ ने सत्य को मारा था.....षड्यंत्र ने सरलता को मारा था।

धनखड़ की राय यहीं खत्म नहीं हुई, उन्होंने अपनी टिप्पणी बीच में जोड़ी और कहा कि ऐसा रोज हो रहा है। अभी भी जारी है। फिल्म देखने के धनखड़ के नतीजे को ठीक ठहराया जा सकता है, लेकिन बाद में उनकी सटीक टिप्पणी के राजनीतिक मतलब निकाले जा रहे हैं। ट्विटर हेंडिल पर कई लोगों ने उनकी राय को रि-ट्वीट किया और सैकड़ों लोगों के लाइक्स मिले हैं।

डीजीपी का अंदाज बदला, मगर निचलों का स्टाइल वही

हरियाणा के नए डीजीपी बीएस संधू का अंदाजा ही कुछ अलग है। उन्होंने खुद के सुर्खियों में रहने और विवादों से दूर रहने का रास्ता खोज लिया। डीजीपी जहां भी जा रहे हैं, मीडिया से बात कर रहे हैं। उनकी तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं। बहुत सी भ्रांतियां तो पुलिस के प्रति मीडिया के सवालों का जवाब नहीं देने और फोन नहीं उठाने से बन जाती हैं। नए डीजीपी ने इस चीज को महसूस किया और इसका फायदा यह हुआ कि अभी तक कोई बड़ा विवाद शुरू नहीं हुआ। डीजीपी अपने मातहत अधिकारियों को स्ट्रीम लाइन में लाने में अभी तक कामयाब नहीं हो सके। मातहत अफसरों का वही पुराना अंदाज है, जो डीजीपी की राह में रोड़ा बन रहा है। डीजीपी को ऐसे अफसरों की स्क्रीनिंग करने की भी जरूरत है।

गए थे पानी लेने, रॉकी मित्तल साथ लाए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभाओं में रंग जमाने वाले कैथल के राकी मित्तल ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा दी है। राकी मित्तल की वापसी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई मुलाकात के तुरंत बाद हुई है। प्रचार किया जा रहा कि मुख्यमंत्री गए थे एसवाइएल का पानी लेने और रॉकी मित्तल को लेकर आ गए। सोशल मीडिया पर इस तरह की टिप्पणियां चटखारे लेकर पढ़ी जा रही हैं।

रॉकी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मोदी के हक में जोशीले गाने गाते रहे हैं। अब उन्होंने यह प्रयोग मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हक में भी शुरू किया है। अचानक स्ट्रेटजी बदलते हुए रॉकी मित्तल ने अब सुई अरविंद केजरीवाल की तरफ घुमा ली है। उन्होंने लोगों से सोशल मीडिया पर केजरीवाल के खिलाफ सबूत मांगे हैं, ताकि उन्हें गानों के रूप में पेश किया जा सके। लगे रहो, राकी भाई, स्टाइल अच्छा है।

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