विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

थम नहीं रहे सांगवान के विवादित बोल

By Sunil Kumar JhaEdited By:
Published: Mon, 28 Sep 2015 04:46 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 29 Sep 2015 02:01 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पाकिस्तानी बताने वाले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ...और पढ़ें

News Article Hero Image

जागरण संवाददाता, भिवानी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पाकिस्तानी बताने वाले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान ने एक बार फिर आग उगली। उन्होंने कहा कि हिंदू पंजाबियों ने हरियाणा के संसाधनों का सबसे ज्यादा दोहन किया।

कहा, हिंदू पंजाबियाें ने संसाधनों का किया सर्वाधिक शोषण

यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सांगवान ने कहा कि 1965 तक पूरे देश के लोगों को सप्ताह में एक दिन भूखा रहना पड़ता था। इसका समाधान हरियाणा-पंजाब के किसानों व खेतीहर मजदूरों ने हरित क्रांति लाकर किया। उन्होंने न केवल देश से भुखमरी समाप्त की, बल्कि इतना अनाज पैदा किया कि निर्यात किया गया।

यह भी पढ़ें : शादी नहही करना चाहती थी इसलिए सहेली से मंगेतर को पिटवाया

उन्हाेंने कहा कि हरित क्रांति लाने वाले किसान और मजदूर आज तक वहीं के वहीं हैं और इस संसाधन का अधिक हिस्सा हरियाणा के हिंदू पंजाबियों ने आढ़ती, खाद विक्रेता, कीटनाशक दवाइयों के विक्रेता, यहां तक कि इन्हीं किसानों को बीज विक्रेता बनकर अप्रत्यक्ष रूप से उस कमाई का अधिकतर हिस्सा खुद गटक गए।

यह भी पढ़ें : किसानों को मिलेगा 20 हजार प्रति एकड़ मुअावजा

उन्होंने कहा कि किसान और मजदूर वहीं के वहीं रह गए। पंजाबी हिंदुओं ने यहां तक कि सब्जी मंडियों की दलाली पर पूर्ण कब्जा कर लिया और यहां के मूल व्यापारी अग्रवाल समाज को भी बाहर कर दिया गया।

सांगवान ने कहा कि शोषण को उचित ठहराने के लिए प्रचार किया गया कि हिंदू पंजाबियों ने बहुत मेहनत करके पैसा कमाया और तरक्की कर रहे हैं, तो क्या किसान और मजदूर आज तक मेहनत नहीं कर रहे थे? इसी शोषण के बल पर एक रेहड़ी लगाने वाला हिंदू-पंजाबी अपनी रेहड़ी से रेडीशन होटल तक पहुंच गया और वहीं गांव का किसान और मजदूर गंवार कहलाता रह गया।