यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चिकनगुनिया के लिए दुनिया का पहला टीका विकसित
चिकनगुनिया मच्छर जनित वायरस है। इस बीमारी में बुखार और जोड़ों में भारी दर्द होता है।

वैज्ञानिकों ने चिकनगुनिया बुखार के लिए पहला टीका विकसित करने में सफलता पाई है। इसे एक खास कीट के वायरस से तैयार किया गया है। इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, नया टीका प्रतिरक्षा को मजबूत करने के साथ ही चिकनगुनिया वायरस से शरीर का बचाव करता है।
अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्काट वेवर ने कहा कि यह टीका चिकनगुनिया से बचाव में पूरी तरह प्रभावी, सुरक्षित और किफायती है। चिकनगुनिया मच्छर जनित वायरस है। इस बीमारी में बुखार और जोड़ों में भारी दर्द होता है।
चिकनगुनिया के चलते सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में सूजन और चकत्ते भी हो सकते हैं। कुछ रोगियों को तो एक सप्ताह में ही आराम मिल जाता है लेकिन कई लोगों को लंबे समय तक इस बीमार से जूझना पड़ता है।
(पीटीआई)
यह भी पढ़ें- रोबोट की तरह बच्चे सीखते हैं नए शब्द
