यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अगर हुई कम वोटिंग तो भाजपा को हो सकता है नुकसान
रविवार को नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होना है। बीजेपी के लिए मुश्किल हालात इसलिए हैं कि पाटीदार समुदाय राज्य सरकार से खफा है।

सूरत। रविवार को नगरीय निकाय चुनाव के दूसरे चरण का मतदान होना है। बीजेपी के लिए मुश्किल हालात इसलिए हैं कि पाटीदार समुदाय राज्य सरकार से खफा है। वहीं, सूरत में पाटीदार समुदाय बहुसंख्यक है और ऐसे में अगर रविवार को सूरत में वोटिंग का प्रतिशत कम रहता है तो इसका सीधा नुकसान बीजेपी को उठाना पड़ेगा।
इससे पहले 22 नवंबर को हुए पहले चरण की वोटिंग में भी पाटीदार बहुसंख्य इलाकों में वोटिंग का प्रतिशत सिर्फ 33 प्रतिशत ही रहा था। इससे सिर्फ भाजपा ही नहीं, कांग्रेस भी परेशान है। क्योंकि अब तक कांग्रेस को उम्मीद थी कि बीजेपी से नाराज पाटीदार समुदाय के वोट उन्हें ही मिलेंगे।
